नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली व हालिया छात्र आंदोलनों के संवेदनशील मुद्दे पर जारी राजनीतिक घमासान के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है। अमित शाह ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक का उल्लेख करते हुए स्मरण कराया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पूर्व में ही सरकार की ओर से इस बहस हेतु अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त कर चुके हैं।
📜 ‘विपक्ष के पास मौका था पर नहीं बोले’: गृह मंत्री ने FCRA संशोधन विधेयक की चर्चा का दिया हवाला
अपने पत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के आग्रह पर सरकार इस विषय पर बहस कराने को पहले से ही सहमत थी।
उन्होंने उल्लेख किया कि मौजूदा सत्र के दौरान ‘विदेशी अंशदान (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर विस्तार से चर्चा संपन्न हो चुकी है। अमित शाह के अनुसार, एफसीआरए (FCRA) बिल पर बहस के दौरान विपक्षी दल के किसी भी सांसद ने NEET परीक्षा से जुड़ा कोई बिंदु सदन के पटल पर नहीं रखा। इसके बावजूद, जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सरकार इस विषय पर सदन में पुनः व्यापक चर्चा के लिए तैयार है।
🏛️ ‘हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं, हर प्रश्न का उत्तर देने को तैयार’: अमित शाह का लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध
गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से सादर अनुरोध किया कि वे विपक्षी दलों के नेताओं के साथ विमर्श कर सर्वसम्मति से चर्चा हेतु आवश्यक समय व घंटों का आवंटन करें।
अमित शाह ने लिखा, “मैं आवंटित समय के दौरान पूरे समय सदन में उपस्थित रहकर इस विषय पर होने वाली चर्चा में भाग लेना चाहता हूँ और विपक्ष के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए पूरी तरह तत्पर हूँ। मेरा लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं में अटूट विश्वास है।” वहीं संसद परिसर में मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है; अब विपक्ष को तय करना है कि वह स्वस्थ चर्चा चाहता है या केवल हंगामा।
😡 ‘पहली बार सरकार चर्चा चाहती है और विपक्ष भाग रहा है’: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का तीखा प्रहार
दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के रवैये पर गहरा खेद व्यक्त किया।
किरेन रिजिजू ने संवाददाताओं से कहा, “मैं अत्यंत निराश हूँ। संसदीय इतिहास में यह संभवतः पहली बार हो रहा है जब सरकार स्वयं आगे बढ़कर विस्तृत चर्चा की मांग कर रही है, किंतु विपक्ष भाग खड़ा हो रहा है। विपक्ष का यह अड़ियल रवैया देश और अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। जब गृह मंत्री स्वयं हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं, तब भी कांग्रेस और अन्य दल केवल हंगामा खड़ा कर रहे हैं।”
🎓 NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन से गर्माया है संसद का माहौल
उल्लेखनीय है कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, धांधली तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं।
राहुल गांधी सहित विभिन्न विपक्षी नेता गृह मंत्री से सीधे जवाब की मांग कर रहे हैं। इस विषय को लेकर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा स्पीकर को लिखे गए इस पत्र को गतिरोध समाप्त करने और अभ्यर्थियों के प्रश्नों का आधिकारिक उत्तर देने की दिशा में एक अत्यंत निर्णायक पहल माना जा रहा है।
