ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश): राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हुई भारी वर्षा के उपरांत निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) परिसर में भीषण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले इस एयरपोर्ट की पार्किंग क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गई, जिससे यात्रियों एवं आगंतुकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। जलभराव के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के उपरांत एयरपोर्ट की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) एवं इंजीनियरिंग की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इस घटनाक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य व केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
✈️ ‘एयरपोर्ट बनाया तो पानी भरा, हाईवे बनाया तो गड्ढे बने’, सपा मुखिया का सरकार और एयर इंडिया पर निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए चुटकी ली कि, “ये सरकार एयरपोर्ट बना रही है तो उसमें पानी भर जाता है, और हाईवे का निर्माण करती है तो उसमें जानलेवा गड्ढे बन जाते हैं।”
इसके उपरांत उन्होंने हाल ही में घटी एयर इंडिया की फ्लाइट टर्बुलेंस (Flight Turbulence) घटना को इससे जोड़ते हुए कटाक्ष किया कि, “प्रदेश चलाने वालों और प्लेन उड़ाने वालों की कार्यशैली में अद्भुत समानता दिखाई दे रही है।” अखिलेश यादव ने न केवल बुनियादी ढांचे के विकास पर सवाल उठाए, बल्कि केंद्र सरकार की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रहार किए।
🏛️ ‘संसद का मानसून सत्र अलोकतांत्रिक’, अखिलेश बोले— देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है
संसद के मानसून सत्र में सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि संसद में प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सरकार द्वारा समय-सीमा निर्धारित करना अपने आप में पूर्णतः अलोकतांत्रिक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह उत्तर वास्तविक नहीं बल्कि एक ‘थोथा बयान’ साबित होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जनहित के विषयों पर चर्चा कराने के बजाय सत्र का शीघ्रातिशीघ्र समापन करने हेतु उतावली है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश अब केवल लंबे-चौड़े भाषण सुनने के मूड में नहीं है, बल्कि सरकार से ठोस और तर्कसंगत जवाबदेही चाहता है।
🛫 300 फीट नीचे गिरी थी फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट, पायलट के टेस्ट में मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि
उल्लेखनीय है कि बीते 4 अगस्त को फुकेत (थाईलैंड) से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट हवा में अचानक बिना किसी पूर्व चेतावनी के 300 फीट नीचे गिर गई थी।
उस समय विमान में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इस बेहद खतरनाक टर्बुलेंस घटना के उपरांत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के तहत दोनों पायलटों का डोप टेस्ट कराया गया। प्राथमिक जांच में ‘पायलट-इन-कमांड’ का सैंपल नॉन-नेगेटिव पाया गया, जिसके बाद पुष्टि हेतु सैंपल को अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया था। आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि लैब टेस्ट में पायलट के शरीर में मारिजुआना (गांजा) की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, जिससे एविएशन सेक्टर में हड़कंप मच गया है।