अपने देश में स्थापित रूसी सैन्य शिविरों के बारे में एलान किया
दमिश्कः सीरिया ने रविवार को घोषणा की कि उसने देश में मौजूद रूस के दो सैन्य अड्डों के भविष्य को लेकर मास्को के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार को सैन्य समर्थन देने के लिए मास्को इन अड्डों का उपयोग करता था।
13 साल तक चले संघर्ष में रूस असद का एक प्रमुख सहयोगी था, जिसने पूर्व नेता को सत्ता में बनाए रखने में मदद की थी। हालांकि, वर्ष 2024 में असद के सत्ता से बेदखल होने से क्षेत्र में रूस के प्रभाव को बहुत बड़ा झटका लगा था। तब से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पूर्व सोवियत संघ के बाहर रूस के इन एकमात्र दो आधिकारिक सैन्य अड्डों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दमिश्क के नए नेतृत्व के साथ संबंध सुधारने में जुटे हुए थे।
सीरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी साना के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हमीमीम एयरबेस और टार्टस नवल बेस को आपसी हितों को सुरक्षित रखने वाली नई व्यवस्थाओं के तहत संयुक्त प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। लगभग डेढ़ साल तक चली लंबी बातचीत के बाद हुए इस समझौता ज्ञापन में इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन महीने से अधिक समय न होने की समय सीमा तय की गई है। इस बीच, दोनों अड्डों पर स्थित नागरिक सुविधाओं को दमिश्क सरकार को सौंप दिया जाएगा।
रूस की तरफ से इस समझौते पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बातचीत के दौरान भी हमीमीम और टार्टस दोनों अड्डे पूरी तरह से चालू स्थिति में बने हुए थे। साना की रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शाइबानी ने इस ऐतिहासिक समझौते के तहत शामिल सुविधाओं और प्रतिष्ठानों का मुआयना करने के लिए रविवार को इन स्थलों का दौरा भी किया। सीरियाई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रमुख उमर अल-हसरी ने जानकारी दी कि उनका विभाग लताकिया के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहा है। यह एक नागरिक सुविधा है जो हमीमीम के पास स्थित है और इसकी गतिविधियां सीधे तौर पर रूस की उपस्थिति से जुड़ी हुई थीं। इस कदम को सीरियाई हवाई अड्डों को पुनर्जीवित करने और उन्हें राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन प्रणाली में फिर से शामिल करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।