सौ साल बाद इस प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित किया जा रहा है
जम्मू कश्मीर को मिलेगा इसका पूरा लाभ
संबंधित एजेंसियों के साथ समीक्षा भी की
कई राज्यों को सिंचाई का पानी भी मिलेगा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में उझ बहुउद्देशीय परियोजना की स्थिति और इसके चरणबद्ध कार्यान्वयन रोडमैप की समीक्षा की। लगभग 100 साल पुरानी इस परियोजना को पुनर्जीवित किया गया है, जो अब क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. सिंह ने वैपकॉस और जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत बैठक की। उन्होंने परियोजना को त्वरित गति से लागू करने पर जोर दिया ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंच सके। मंत्री को बताया गया कि परियोजना का काम चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा, जिसमें भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ-साथ निर्माण कार्य भी समानांतर चलते रहेंगे।
इस परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, दशकों से लंबित राष्ट्रीय परियोजनाओं को अब नई प्राथमिकता और तत्परता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उझ परियोजना के साथ-साथ शाहपुरकंडी परियोजना भी लंबे समय से लंबित थी, जिसके कारण रावी नदी और उसकी सहायक नदियों का पानी व्यर्थ ही पाकिस्तान में बह रहा था। शाहपुरकंडी का पुनरुद्धार 2019 में हुआ था और अब उझ परियोजना का पुनरुद्धार सरकार के संकल्प को दर्शाता है।
उझ नदी पर स्थित यह परियोजना लगभग 186 मेगावाट से 212 मेगावाट तक बिजली पैदा करने में सक्षम होगी। यह जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा, तथा पंजाब के पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में लगभग 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, यह कठुआ को पेयजल और औद्योगिक पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन भी है। गृह मंत्रालय के सहयोग से यह परियोजना नदी के रास्ते होने वाली अनियंत्रित जल प्रवाह और घुसपैठ के मार्गों को नियंत्रित करने में मदद करेगी। डॉ. सिंह ने सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया है, ताकि यह प्रतिष्ठित परियोजना समय पर पूरी हो सके और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दे सके।