प्रधान के इस्तीफे तक कोई बात चीत नहीं होगी
पहले से ही यह स्टैंड क्लीयर है
सीजेपी ने भी यही मांग रखी है
गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः देश में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। पूरे इंडिया गठबंधन और अन्य विपक्षी दलों ने एक सुर में एलान किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे संसद में इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की चर्चा में भाग नहीं लेंगे। विपक्ष के इस रुख से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध और गहरा गया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा किए जा रहे उग्र विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में आते हुए विपक्षी नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, और वामपंथी दलों सहित प्रमुख विपक्षी घटकों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की साख पूरी तरह खत्म हो चुकी है। ऐसे में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से हट जाना चाहिए।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। विपक्ष का तर्क है कि सरकार द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने या जांच के आश्वासन देने का कोई मतलब नहीं रह जाता जब तक कि इस पूरी नाकामी के जिम्मेदार शीर्ष नेतृत्व को जवाबदेह न ठहराया जाए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि केवल एनटीए के अधिकारियों पर कार्रवाई करके सरकार अपनी मुख्य विफलता और जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के इस कड़े रुख को राजनीतिक से प्रेरित और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। सरकार का कहना है कि वह सदन के पटल पर हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। हालाँकि, विपक्ष अपने इस रुख पर अडिग है कि बिना धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच के बिना संसद में कोई भी बहस संभव नहीं होगी।