नई दिल्ली: कोल इंडिया (Coal India) की इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में राजस्व घटने और खर्च बढ़ने के कारण 68.09 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ है। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी ने 176.87 करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया था।
परिचालन आय में गिरावट और खर्चे में बढ़ोतरी
बीसीसीएल ने बुधवार को शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की परिचालन आय (Operating Income) घटकर 3,587.27 करोड़ रुपये रह गई है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 3,719.59 करोड़ रुपये थी। वहीं, समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल खर्च (Total Expenses) बढ़कर 3,826.31 करोड़ रुपये हो गया है, जो एक वर्ष पहले की इसी अवधि में 3,654.39 करोड़ रुपये था।
बिक्री और अन्य आय में कमी बनी घाटे की मुख्य वजह
मिनीरत्न (Miniratna) सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी ने अपनी एक प्रस्तुति में घाटे का कारण स्पष्ट करते हुए कहा, “बाहरी आपूर्ति 88.3 लाख टन से घटकर 78.1 लाख टन रहने के कारण बिक्री में यह कमी आई है।” कंपनी ने इसके साथ ही यह भी कहा कि अन्य आय में कमी मुख्य रूप से प्रावधानों और देनदारियों के घटने के कारण दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में खदानों का संचालन
आपको बता दें कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) देश के प्रमुख कोयला उत्पादकों में से एक है। यह मिनीरत्न कंपनी मुख्य रूप से झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में काम करती है और इन दोनों राज्यों में खुली (Open-cast) एवं भूमिगत (Underground) कोयला खदानों के व्यापक नेटवर्क का संचालन करती है।