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Sonam Wangchuk Protest: अस्पताल से वांगचुक का ऐलान, जारी रहेगा अनशन, CJP ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि वे अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के “संसद चलो” मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने यह कड़ा फैसला लिया है। सफदरजंग अस्पताल से जारी अपने एक हस्तलिखित बयान में वांगचुक ने कहा कि जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती, या उन्हें खुद अस्पताल से ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाती, उनका अनशन जारी रहेगा।

CJP ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) से मुलाकात कर अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। दास ने बताया, “हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की है। हमारी पहली मांग है कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस्तीफा दें। तीसरी बड़ी मांग यह है कि NEET परीक्षा की तैयारी करने वाले उन 20 से अधिक छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनकी इस विवाद के कारण जान चली गई है।” उन्होंने साफ किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा।

‘सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करे’- सोनम वांगचुक

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने पुलिस की बर्बरता पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता बरती जा रही है, उसे देखते हुए मैंने अपना अनशन न तोड़ने का फैसला किया है।” वांगचुक ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि भारी “उकसावे” के बावजूद युवा प्रदर्शनकारियों ने शांति और संयम बनाए रखा, जिससे वे काफी प्रभावित और भावुक हुए हैं।

संसद में मुद्दा उठने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल

वांगचुक ने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील करते हुए कहा, “मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की इजाजत देकर इस मामले को शांति से सुलझाएं। मुझे यकीन है कि युवा प्रदर्शनकारी आगे भी शांति बनाए रखेंगे।”

गौरतलब है कि इससे पहले दिन में वांगचुक ने कहा था कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था की नाकामियों की जिम्मेदारी ले या राजनीतिक नेता मानसून सत्र (Monsoon Session) में इस मुद्दे को उठाने का भरोसा दिलाएं, तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे। लेकिन पुलिस लाठीचार्ज की घटना के बाद, उन्होंने अस्पताल से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया है।