मणिपुर में हत्या के साथ तीन विद्रोही गिरफ्तार
त्रिपुरा के डीजीपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
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इंफाल ईस्ट में एक घर में फायरिंग
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अभियान में तीन विद्रोही गिरफ्तार
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अपने कार्यालय में ही मरे डीजीपी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः पूर्वोत्तर के दो राज्यों—मणिपुर और त्रिपुरा—से बड़ी खबरें सामने आई हैं। मणिपुर में जहाँ हिंसक घटना और विद्रोही कैडरों की गिरफ्तारी हुई है, वहीं त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की संदिग्ध मौत ने हड़कंप मचा दिया है। मणिपुर के इम्फाल ईस्ट जिले के केराओ वांगखेम इलाके में 20 जुलाई की तड़के अज्ञात हमलावरों ने एक घर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस घटना में एन थंबोउ (52) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी एन केनाटोंबी देवी (53) गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका इलाज शिजा अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
वहीं दूसरी ओर, मणिपुर पुलिस ने 19 और 20 जुलाई को चलाए गए अभियानों के तहत विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 3 कथित विद्रोही कैडरों को गिरफ्तार किया है। इनमें केवाईकेएल का कैडर यांगबाम बोइचा मेइतेई (भारत-म्यांमार सीमा के पास से पिस्तौल व वायरलेस सेट के साथ) और यूआरएफ का कैडर मोहम्मद लेहिमुद्दीन उर्फ यांगबा शामिल हैं।
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अपने चैंबर के बाथरूम में अचेत पाए गए। दोपहर 12:48 बजे जीबी पंत अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा, हालांकि प्राथमिक रूप से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
आईपीएस अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत (गांव बिहारीपुर) के रहने वाले थे। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में मातम छा गया और उनके परिजन अगरतला के लिए रवाना हो गए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: घटना के बाद विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी, पूर्व सीएम माणिक सरकार और कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन अस्पताल पहुंचे। सुदीप रॉय बर्मन ने दावा किया कि डीजीपी अपनी मृत्यु से पूर्व मानसिक तनाव में थे। विपक्षी नेताओं ने धनखड़ को बेहद ईमानदार अधिकारी बताते हुए हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।