चेन्नई पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः चेन्नई पुलिस प्रोजेक्ट मेघालय नामक एक कथित राजनीतिक षड्यंत्र की जांच कर रही है, जिसका उद्देश्य अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम सरकार को अस्थिर करना था। पुलिस के अनुसार, सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों को भारी रिश्वत देने के इस कथित प्रयास के मामले में इस सप्ताह एक क्षेत्रीय समाचार चैनल के वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार से भी गहन पूछताछ की गई है।
यह पूरा मामला उन दावों पर केंद्रित है जिसमें टीवीके के विधायकों को विधानसभा में मतदान के दौरान अपनी ही पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करने के लिए मनाने की कोशिश की गई थी। इस संबंध में उथनगरई से टीवीके विधायक एन. एलैयाराजा ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
एलैयाराजा का आरोप है कि आईपीडीएस नामक ओपिनियन पोलिंग ग्रुप चलाने वाले यूट्यूबर थिरुनावुक्कारसु और उसके सहयोगियों ने उन्हें पार्टी लाइन के खिलाफ वोट करने के लिए 35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की पेशकश की थी। विधायक एलैयाराजा ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इस प्रलोभन को ठुकरा दिया, तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणामों का सामना करने की धमकियां दी गईं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्रोजेक्ट मेघालय नाम की इस गुप्त योजना का खुलासा हुआ है। इसके तहत विजय सरकार को गिराने के उद्देश्य से लगभग 15 टीवीके विधायकों को चिन्हित कर उन्हें मोटी रकम की पेशकश के साथ अपनी ओर मिलाने की साजिश रची जा रही थी।
इसी सिलसिले में पुलिस ने तमिल समाचार चैनल पुथिया थलाइमुराई के पत्रकार विजयन से मुख्य आरोपी थिरुनावुक्कारसु के साथ कथित संपर्कों को लेकर पूछताछ की है। जांचकर्ताओं को ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जो दर्शाते हैं कि संदिग्ध समय के दौरान विजयन मुख्य आरोपी के संपर्क में थे और दोनों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था। पूछताछ के बाद 15 और 16 जुलाई को फॉरेंसिक जांच के लिए उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।
दूसरी ओर, चेन्नई प्रेस क्लब ने पुलिस की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की है और इसे प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास करार दिया है। प्रेस क्लब का आरोप है कि विजयन से 15 जुलाई की देर रात तक अनुचित ढंग से पूछताछ की गई और बिना तय कानूनी प्रक्रिया के उनका फोन जब्त कर लिया गया। हालांकि, चेन्नई पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरी जांच स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही की जा रही है।