Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को दिया ‘राष्ट्र प्रथम’ का मंत्र
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्कूली बच्चों में ‘राष्ट्र देवो भव’ की भावना पैदा की जानी चाहिए, ताकि वे इस संस्कार को उच्च शिक्षा में भी आगे लेकर जा सकें और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपना अहम योगदान दे सकें। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के शहीद भगत सिंह कॉलेज के हीरक जयंती समारोह (Diamond Jubilee) के सिंहावलोकन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का मंत्र दिया।
‘देशभक्ति समझने वाले लोग ही देश को ले जाएंगे आगे’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि देशभक्ति का सही अर्थ समझने वाले लोग ही देश को विकास के पथ पर आगे ले जा सकते हैं। यही भावना ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण में भी सबसे बड़ा योगदान देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 60 वर्षों से यह कॉलेज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और ‘राष्ट्र प्रथम’ के संस्कारों के साथ राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इस गौरवशाली यात्रा के लिए पूरे कॉलेज परिवार, प्राचार्य, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को हार्दिक बधाई दी।
‘दिल्ली को बनाएंगे देश का सबसे बड़ा एजुकेशन हब’
राष्ट्रीय राजधानी में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के बारे में बोलते हुए सीएम गुप्ता ने कहा, “हमें ऐसे अवसर और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने होंगे, ताकि छात्रों को देश के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके। हम दिल्ली को शिक्षा के एक बड़े केंद्र (Education Hub) के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, ताकि दिल्ली इसका मुख्य केंद्र बन सके।”
कुलपति ने कहा- ‘रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें’
इस खास कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह, कॉलेज के डीन बलराम पाणि, कुलसचिव विकास गुप्ता और शहीद भगत सिंह कॉलेज के प्राचार्य अरुण कुमार अत्री भी उपस्थित थे। महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह का जिक्र करते हुए कुलपति योगेश सिंह ने कहा, “इतिहास उन्हें ही याद रखता है जो केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य का निर्माण करते हैं।” उन्होंने भगत सिंह के आदर्शों को कॉलेज की सबसे बड़ी ताकत बताया और छात्रों से समाज में सकारात्मक योगदान देने का आग्रह करते हुए कहा कि वे ‘रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले’ बनें।