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पेपर सेटर को पांच लाख रुपये दिये गये थे

सीबीआई की जांच में पेपर लीक में बड़ा खुलासा हुआ

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को एक विशेष अदालत के समक्ष बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीबीआई ने बताया कि लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के उस पैनल में शामिल पी. वी. कुलकर्णी को केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के प्रश्न हासिल करने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत दी थी, जिसे परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

केंद्रीय एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि मोटेगांवकर का बेटा खुद कुलकर्णी की केमिस्ट्री ट्यूटोरियल क्लासेस में पढ़ता था, जहां उसे ये लीक हुए प्रश्न उपलब्ध कराए गए थे। मोटेगांवकर द्वारा दायर की गई जमानत याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए सीबीआई ने अपने जवाब में आरोप लगाया, आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और परीक्षा से पहले ही नीट के लीक हुए केमिस्ट्री के प्रश्न प्राप्त कर लिए, जिसके बदले में 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।

सीबीआई की जांच के अनुसार, मोटेगांवकर ने कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में मिले इन लीक प्रश्नों के आधार पर बकायदा हाथ से लिखे नोट्स तैयार किए थे। केंद्रीय एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान मोटेगांवकर का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसके डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण में 36 ऐसी तस्वीरें मिली हैं (जिनमें 5 डुप्लिकेट इमेज शामिल हैं) जिनमें केमिस्ट्री के 132 हस्तलिखित प्रश्न मौजूद थे। सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच में पाया गया है कि इनमें से 111 प्रश्न एनटीए द्वारा नीट  2026 के लिए तैयार किए गए मास्टर क्वेश्चन सेट के प्रश्नों से हूबहू मेल खाते हैं।

जांच एजेंसी ने दावा किया कि ये हस्तलिखित नोट्स स्पष्ट रूप से मोटेगांवकर की ही हैंडराइटिंग में हैं। इसके अलावा, मोबाइल तस्वीरों के मेटाडेटा विश्लेषण से यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि ये तस्वीरें 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही खींच ली गई थीं। सीबीआई ने अदालत को बताया, लीक हुए प्रश्नों को स्रोत से हासिल करने के लिए जो पैसा दिया गया था, उसे एक अन्य सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरूरे के इशारे पर सीबीआई ने बरामद कर लिया है।

इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों के बाद, एनटीए ने 3 मई को आयोजित की गई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा को 12 मई को पूरी तरह से रद्द कर दिया था। इसके बाद, प्रभावित छात्रों के भविष्य को देखते हुए 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी।