दोनों पक्षों के बीच युद्ध की आंच में कोई कमी नहीं
एजेंसियां
कीवः यूक्रेन की राजधानी कीव पर बीती रात एक बार फिर रूसी मिसाइलों का भीषण कहर टूटा। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को और शहर के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने शनिवार को टेलीग्राम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि रूस ने इस बार राजधानी को निशाना बनाने के लिए घातक बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
मेयर क्लिट्स्को के अनुसार, इन ताजा मिसाइल हमलों में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार के मुताबिक, रात भर में मिसाइल हमलों की कई लहरें देखी गईं, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित बंकरों और आश्रय स्थलों में जाने की अपील की। इन मिसाइल हमलों के कारण शहर के कई हिस्सों में भीषण आग लग गई। सैन्य प्रशासन प्रमुख तकाचेंको ने शुरुआती जानकारी के हवाले से बताया कि शहर के पूर्वी हिस्से में स्थित एक जिले में भारी नुकसान हुआ है, जबकि पश्चिमी कीव में एक बहुमंजिला ऑफिस बिल्डिंग में आग लग गई और एक गैर-आवासीय (खाली) इमारत भी इस हमले में क्षतिग्रस्त हो गई। गौरतलब है कि यूक्रेन पिछले चार साल से अधिक समय से रूस के इस पूर्ण पैमाने के सैन्य आक्रमण का बहादुरी से सामना कर रहा है।
इस बीच, यूक्रेनी सेना ने भी रूस के भीतर घुसकर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को यूक्रेनी ड्रोनों ने दक्षिणी रूस के तेल रिफाइनरियों और अज़ोव सागर पर स्थित टैगान्रोग बंदरगाह को निशाना बनाया, जिसके बाद रूसी अधिकारियों को वहां आपातकाल घोषित करनी पड़ी और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। दरअसल, यूक्रेन ने हाल के महीनों में युद्ध के लिए जिम्मेदार मॉस्को की वित्तीय और ऊर्जा क्षमताओं को पंगु बनाने के लिए रूसी तेल बुनियादी ढांचों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जिससे रूस में ईंधन की किल्लत पैदा हो गई है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने मॉस्को क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में 370 से अधिक यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया है। हालांकि, कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र के करीब स्थित टैगान्रोग बंदरगाह से सामने आए सोशल मीडिया वीडियो में शहर के ऊपर धुएं के विशाल गुबार उठते देखे गए। स्थानीय गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने बताया कि व्यापक रात्रिकालीन हमलों के बाद उन्होंने बंदरगाह का दौरा किया, जहाँ पेट्रोलियम उत्पादों में लगी आग को बुझाने का काम जारी था और दर्जनों नागरिकों को अस्थायी आवासों में भेजा गया था। इसके अलावा, अज़ोव शहर में दो तेल भंडारण डिपो और पड़ोसी क्रास्नोडार क्षेत्र की इल्स्की रिफाइनरी में भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण भीषण आग लग गई, हालांकि इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।