युद्धविराम खत्म होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा बयान
एजेंसियां
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को स्पष्ट किया है कि हालिया सैन्य टकराव और तनाव बढ़ने के बावजूद अमेरिका और ईरान बातचीत का सिलसिला जारी रखने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने दो टूक शब्दों में यह घोषणा भी की कि पिछले महीने दोनों पक्षों के बीच हुआ युद्धविराम (सीजफायर) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।
इसके साथ ही, अमेरिका ने ईरान के सामने अपनी मांगें और सख्त कर दी हैं। वाशिंगटन ने मांग की है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों को तुरंत रोके। गौरतलब है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में हालिया झड़पों के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जो नवंबर में होने वाले अमेरिकी कांग्रेस चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बेहद संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
ट्रंप का यह बयान करीब एक हफ्ते के भीषण सैन्य संघर्ष के बाद शुक्रवार को आई अपेक्षाकृत शांति के बीच आया है। इस हफ्ते तीन कतरी और सऊदी वाणिज्यिक टैंकरों पर हमले किए गए थे, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। इसके पलटवार में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। शुक्रवार को किसी नए हमले की खबर नहीं मिली, क्योंकि क्षेत्रीय मध्यस्थ इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों से शुरू हुए इस युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों को बचाने में जुटे हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। हम इसके लिए सहमत हैं, लेकिन अमेरिका ने उन्हें स्पष्ट और कड़े शब्दों में बता दिया है कि युद्धविराम अब खत्म हो चुका है!
दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप के इस दावे का खंडन किया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत का कोई अनुरोध नहीं किया है, बल्कि वह तेहरान में कतरी मध्यस्थ की मेजबानी करने के लिए सहमत हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, कतर के वार्ताकार तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची जहाजों के सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए ओमान का दौरा करेंगे।
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि वह जहाजों पर हमले रोकेगा और यह जलमार्ग बिना किसी टैक्स (टोल) के जहाजों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। हालिया अमेरिकी हमलों में ईरान के छह शहरों में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई है और 115 घायल हुए हैं, जबकि ईरान ने भी कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिकी अड्डों पर मिसाइलें दागी हैं।