अयोध्या के राम मंदिर का दूसरा मसला भी सामने आया
राष्ट्रीय खबर
लखनऊ: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की नकदी गिनने के काम में लगे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 23 कर्मचारियों ने अपने काम के समय (शिफ्ट) में बदलाव और वेतन में कटौती के विरोध में सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के लिए तैनात कुल 36 कर्मचारियों में से गुरुवार को केवल 13 कर्मचारी ही काम पर पहुंचे। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि मंदिर प्रबंधन ने उनके पुराने कार्य शेड्यूल को पूरी तरह बदल दिया है। नए नियमों के खिलाफ उनकी शिकायतें हैं कि पहले कर्मचारी दो अलग-अलग शिफ्टों में कुल 6 घंटे काम करते थे, जिसे नए नियम के तहत बढ़ाकर एक ही शिफ्ट में 9 घंटे कर दिया गया है। कर्मचारियों का दावा है कि पहले प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिमाह 14,755 रुपये वेतन मिलता था, लेकिन नए सिस्टम में कुछ कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गई है। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को मिलने वाली मासिक छुट्टियों की संख्या भी कम कर दी गई है।
कर्मचारियों ने प्रबंधन के सामने इन मांगों को रखा था और नए सिस्टम को रद्द करने की अपील की थी, जिसे ट्रस्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का कदम उठाया।
वहीं, कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में एक अलग दावा भी सामने आ रहा है। इसके अनुसार, चढ़ावे की गिनती में लगाए गए कई कर्मचारी मूल रूप से हाउसकीपिंग (सफाई व रखरखाव) विभाग के थे। हाल ही में चढ़ावे में कथित गबन का मामला सामने आने के बाद, प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से इन कर्मचारियों को वापस उनके मूल हाउसकीपिंग विभाग में भेजने का निर्णय लिया था। हालांकि, ये कर्मचारी वहां वापस जाने के इच्छुक नहीं थे, जिसके कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी।