म्यांमार सीमा के पास कई गावों में फिर से हिंसा और आगजनी
-
सीएम को सेनापति में काला झंडा दिखाया
-
असम सीमा पर हथियारों का जखीरा जब्त
-
मणिपुर में भी हथियार के साथ तीन गिरफ्तार
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: मणिपुर के कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में उग्रवादियों द्वारा की गई हालिया आगजनी और हमलों के कारण राज्य में एक बार फिर तनाव अत्यधिक बढ़ गया है। कामजोंग में 50 से अधिक घरों और कुछ चर्चों को जलाए जाने के बाद म्यांमार सीमा के पास नागा और कुकी समुदायों के बीच आक्रोश और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच, 8 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री यमनाम खेमचंद सिंह के सेनापति जिले के दौरे के दौरान स्थानीय निवासियों ने इस साल की शुरुआत में मारे गए छह नागा नागरिकों के लिए न्याय की मांग करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
तनाव के बीच, असम और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान में मणिपुर-असम सीमा (जिरीबाम) से प्रतिबंधित कुकी नेशनल फ्रंट के एक 22 वर्षीय कथित कैडर, मोहम्मद अब्दुल्ला हुसैन को एक स्वदेशी पिस्तौल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर तमेंगलोंग जिले के तमेई इलाके में की गई छापेमारी में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली, जहाँ से 3 कार्बाइन मशीन गन, 1 एके-47 राइफल, 3 लैथोड गन और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया।
8 जुलाई को मणिपुर पुलिस और सेना ने राज्य के चार संवेदनशील जिलों में एक व्यापक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया, जिसमें उग्रवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। उख्रुल जिला में आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 4 अवैध बंकरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इम्फाल ईस्ट से पुलिस को 36 हैंड ग्रेनेड, 2 मोर्टार हाई-एक्सप्लोसिव बम, 5 ट्यूब लॉन्चर, कई पिस्तौलें और भारी मात्रा में सेना की वर्दी व जूते मिले। चांडेल जिला से 3 एके-56 असॉल्ट राइफलें, 10 सिंगल-बोर राइफलें और संचार के लिए इस्तेमाल होने वाले 5 बाओफेंग रेडियो सेट जब्त किए गए। बिष्णुपुर जिला से सुरक्षाकर्मियों ने एक अत्याधुनिक एम-16 राइफल, 9 एमएम पिस्तौल, पोम्पी लॉन्चर और पोम्पी बम बरामद किए।
अधिकारियों के अनुसार, हथियारों के इस गलत इस्तेमाल को रोकने और शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में खुफिया आधारित अभियान आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही प्रशासन ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।