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सिक्किम में दस लाख ओक पेड़ लगाने का अभियान

मुख्यमंत्री तमांग ने आम जनता से सक्रिय भागीदारी की अपील की

राष्ट्रीय खबर

सिलिगुड़ीः  साल 2047 तक दस लाख ओक के पेड़ लगाने की एक महत्वाकांक्षी पर्यावरणीय पहल के तहत, सिक्किम वन विभाग ने मंगलवार को मिशन मिलियन ओक ट्रीज़ बाय 2047 की शुरुआत की। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने पूर्वी सिक्किम में भारत-चीन सीमा के पास जवाहरलाल नेहरू रोड पर 8वें मील नामक स्थान पर ओक का पहला पौधा लगाकर इस अभियान का आगाज़ किया। राज्य के पर्यावरण संरक्षण और एक हरित व बेहतर भविष्य के उद्देश्य से तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किया गया था।

समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने सिक्किम के लोगों से इस मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल वन विभाग की जिम्मेदारी रहने देने के बजाय एक जन आंदोलन बनना चाहिए।

इसके साथ ही, उन्होंने राज्य में बड़े पैमाने पर चीड़ (पाइन) के पेड़ों की कटाई को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया और सरकार का रुख स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री तमांग ने कहा, वन विभाग द्वारा की जाने वाली हर कार्रवाई के पीछे उचित दस्तावेज़ और वैज्ञानिक मूल्यांकन होता है।

कुछ क्षेत्रों में चीड़ के जंगलों को साफ करने के पीछे का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि चीड़ के घने बागानों के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों में कमी आ रही थी। उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार ने दीर्घकालिक पर्यावरणीय बहाली (रेस्टोरेशन) के प्रयासों के तहत हटाए गए चीड़ के पेड़ों की जगह ओक सहित अधिक उपयुक्त और पारिस्थितिक रूप से फायदेमंद प्रजातियों के पौधे लगाए हैं।

इस अवसर पर एक और अनूठी पहल कनेक्ट टू फॉरेस्ट डिपार्टमेंट भी शुरू की गई। इसके तहत एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1926 जारी किया गया है, ताकि नागरिक जंगलों से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों की रिपोर्ट कर सकें, जानकारी मांग सकें और वन विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकें।