Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
समुद्री प्लास्टिक और मछली जाल से बन रही सड़क, देखें वीडियो Physical Intelligence in India: भारत में आई नई तकनीक, MEIL और Analog की साझेदारी से बदलेगा इंफ्रास्ट... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल, हत्या के नामजद आरोपी अधिकारी को मिली नई जिम्मेदार... Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, प्रक्रिया पर ... Karnataka High Court: वकील के साथ मारपीट करने वाली महिला PSI पर कोर्ट सख्त, लगाया 1 लाख का जुर्माना Supaul News: बिहार के सुपौल में मानवता शर्मसार, 1 साल तक कमरे में बंद रही नाबालिग बच्ची; मां को बेचन... Supreme Court PIL: डिजिटल कंटेंट के लिए रेगुलेटरी सिस्टम की मांग, '₹370 की बिरयानी' विवाद पर सुप्रीम... CM Dr. Mohan Yadav in Seoni: सिवनी को मिली 494 करोड़ की सौगात, सीएम यादव ने बांटे कोदो-कुटकी बोनस Jaunpur News: दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के एक लाख के इनामी आरोपी भोले राजभर ने किया सरेंडर Monsoon Update: 'अल नीनो' के खतरे पर पीएम मोदी सख्त, राज्यों को पानी बचाने और आपदा प्रबंधन के लिए कि...

पाकिस्तानी हवाई हमले के जवाब में तालिबान की कार्रवाई

पाकिस्तान सीमा पर फिर से जबर्दस्त तनाव

एजेंसियां

काबुलः अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती तनाव एक बार फिर हिंसक स्तर पर पहुंच गया है। जून 2026 के अंतिम दिनों में शुरू हुआ यह ताजा टकराव तब और गहरा गया जब कराची में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए एक घातक हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर खुफिया-आधारित जमीनी और हवाई हमले किए। पाकिस्तान का दावा है कि इन ऑपरेशनों में जमात-उल-अहरार (टीटीपी से संबद्ध एक गुट) के 29 आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने इन हमलों को कायरतापूर्ण आक्रामकता करार दिया है।

तालिबान अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र मिशन की रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा पकतिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में किए गए इन हमलों में कम से कम 36 नागरिक मारे गए हैं और 160 से अधिक घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अफगानिस्तान के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि हमलों में नागरिक घरों को निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही हुई है। वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इन ऑपरेशनों को हालिया आतंकवादी हमलों के खिलाफ एक आवश्यक जवाबी कार्रवाई बताया है।

यह हिंसा उस समय हुई है जब दोनों देशों के बीच महीनों से चल रही अस्थायी शांति (सीजफायर) पूरी तरह टूट चुकी है। फरवरी 2026 से ही दोनों देशों के बीच सीमा पर रुक-रुक कर संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मार्च में काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले और उसके बाद के तनाव ने स्थिति को खुले युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है।

पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगान धरती का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है और कराची हमले में शामिल हमलावरों में अफगान नागरिक भी थे। दूसरी ओर, तालिबान सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती है और पाकिस्तान पर बिना उकसावे के नागरिकों पर हमले करने का आरोप लगाती है।

तनाव की यह स्थिति इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान वर्तमान में मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वह खुद अपनी सीमाओं पर एक बड़े सुरक्षा संकट से घिरा हुआ है। चीन और अन्य अंतरराष्ट्रीय देशों द्वारा मध्यस्थता के कई प्रयास विफल साबित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और एक-दूसरे पर सुरक्षा के दावों को लेकर लगातर आरोप-प्रत्यारोप ने शांति की किसी भी संभावना को धुंधला कर दिया है। फिलहाल, सीमा पर दोनों ओर की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी बड़े सैन्य घटनाक्रम की आशंका बनी हुई है।