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होटल ढहने से ऐसे एक सौ लोग लापता

अमेरिका से निर्वासित कर वेनेजुएला भेजे गये थे लोग

एजेंसियां

काराकासः एक रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंपों की त्रासदी में एक नया और हृदयविदारक मोड़ सामने आया है। अमेरिका से निर्वासित होकर कुछ ही घंटे पहले वेनेजुएला लौटे कम से कम 100 लोग उस होटल के मलबे के नीचे लापता बताए जा रहे हैं, जो भूकंप के झटकों के दौरान पूरी तरह ढह गया था।

24 जून को वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंपों के कारण मरने वालों की संख्या 1,700 का आंकड़ा पार कर गई है। घटना के पांच दिन बाद भी बचाव दल मलबे से जीवित लोगों को निकालने का चमत्कारिक प्रयास कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के मियामी से एक निर्वासन उड़ान के जरिए 146 वेनेजुएलावासियों को वापस भेजा गया था, जिनमें सात बच्चे और 19 महिलाएं शामिल थीं। ये सभी लोग ला गुएरा स्थित होटल सैंटुआरियो ला ल्लानाडा में ठहराए गए थे, जो भूकंप के दौरान मलबे में तब्दील हो गया।

इस आपदा में बचीं लिस्बेथ पोर्टिलो नामक एक महिला ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे कैसे मौत के मुंह से बाहर निकल पाईं। पोर्टिलो, जो दूसरी मंजिल पर 16 अन्य महिलाओं के साथ एक कमरे में थीं, ने फोन पर रोते हुए कहा, मैं एक बीम के नीचे दब गई थी, लेकिन भूकंप के झटकों ने मलबे की स्थिति को थोड़ा बदल दिया, जिससे मुझे बाहर निकलने का मौका मिल गया। उन्होंने आगे बताया कि कैसे मलबे से निकलने के बाद लोग जान बचाने के लिए नंगे पैर और बदहवास स्थिति में सड़कों पर भाग रहे थे।

मानवाधिकार समूहों के अनुसार, मई 2026 से अब तक 38 देशों के लिए 288 निर्वासन उड़ानें संचालित की गई हैं, जिनमें अकेले मई के महीने में वेनेजुएला के लिए 12 उड़ानें शामिल थीं। यह दुखद घटना अंतरराष्ट्रीय निर्वासन नीतियों और प्रवासी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। फिलहाल, बचाव दल मलबे में दबे सैकड़ों लोगों की तलाश में दिन-रात जुटे हैं, लेकिन समय बीतने के साथ उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीदें धुंधली होती जा रही हैं।