कराची में आतंकवादी हमले के बाद फिर से सैन्य कार्रवाई
एजेंसियां
इस्लामाबादः पाकिस्तान ने रविवार देर रात पड़ोसी देश अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर वहां मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर फिर से हमला करने का दावा किया है। पाकिस्तान सरकार के अनुसार, सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में एक जमीनी अभियान चलाया, जिसके बाद हवाई हमलों के जरिए उन अड्डों को निशाना बनाया गया जहाँ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकवादी समूह पनाह लिए हुए थे।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन मुख्य रूप से अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में चलाया गया। सरकारी दावों के अनुसार, इन हमलों में तीन प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और कई संदिग्ध आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सैन्य कार्रवाई हाल ही में पाकिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों का जवाब है, विशेष रूप से कराची में शनिवार को हुई उस घटना के बाद, जिसमें तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
जहाँ एक ओर पाकिस्तान ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया है, वहीं अफगानिस्तान के शासक तालिबान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय प्रसारक टोलो न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इन हवाई हमलों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले साल के अंत से ही सीमा पार हमलों का सिलसिला जारी है। इस्लामाबाद लगातार काबुल पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जो पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। दूसरी ओर, काबुल इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है। पहले इन दोनों देशों के बीच एक अस्थायी संघर्ष विराम लागू था, लेकिन पाकिस्तान ने फरवरी के अंत से स्थिति को खुला युद्ध करार दिया है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।