Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Banmankhi Junction News: उद्घाटन से पहले ही टपकी अमृत भारत स्टेशन की छत; 21.5 करोड़ के निर्माण की खु... Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस... Gorakhpur Express Mystery: ट्रेन से रहस्यमयी ढंग से लापता हुई महिला यात्री; सूटकेस भी गायब, मचा हड़क...

दिल्ली ने केरल का 1,151.48 करोड़ रुपया रोकाः मंत्री शमसुद्दीन

नई सरकार ने आते ही केंद्र के बकाये की मांग कर दी

  • समग्र शिक्षा कार्यक्रम का पैसा है यह

  • राज्य सरकार ने पीएम की योजना रोकी

  • समझौता के बाद एक पैसा नहीं दिया गया

राष्ट्रीय खबर

तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा में सोमवार को सामान्य शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एन. शमसुद्दीन ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा केरल  कार्यक्रम के तहत राज्य को मिलने वाली 1,151.48 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि रोक दी थी। मंत्री के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई जब राज्य सरकार ने पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के कार्यान्वयन को स्थगित रखने का निर्णय लिया।

यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार का हिस्सा थी। मंत्री शमसुद्दीन ने सदन को जानकारी दी कि अक्टूबर 2025 में जब केरल सरकार ने पीएम श्री योजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, तब जाकर केंद्र ने 99.27 करोड़ रुपये की राशि जारी की। यह बयान पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार के पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी द्वारा लिए गए रुख के ठीक विपरीत है। शिवनकुट्टी ने हमेशा यह दावा किया था कि केरल को पीएम श्री योजना के तहत एक रुपया भी नहीं मिला है और राज्य ने इस योजना को कभी लागू ही नहीं किया था।

पूर्व मंत्री शिवनकुट्टी का तर्क था कि केंद्र द्वारा जारी 92.41 करोड़ रुपये पीएम श्री फंड नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा केरल की पहली किस्त थी, जिसे केंद्र और राज्य के बीच चर्चा के बाद जारी किया गया था। उनका दावा था कि यह राशि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राज्य को मिलने वाले प्रतिपूर्ति बकाये के रूप में समायोजित की गई थी।

घटनाक्रम का विस्तार से विवरण देते हुए मंत्री शमसुद्दीन ने बताया कि केरल ने अक्टूबर 2025 में पीएम श्री के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, समझौते की शर्तों को लेकर पैदा हुई चिंताओं के कारण तत्कालीन राज्य सरकार ने एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया था, जिसकी अध्यक्षता स्वयं तत्कालीन सामान्य शिक्षा मंत्री कर रहे थे।

इस समिति को योजना की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपनी थी। समिति की रिपोर्ट लंबित रहने के दौरान, राज्य सरकार ने 12 नवंबर 2025 को केंद्र को पत्र लिखकर सूचित किया कि योजना से संबंधित सभी आगे की कार्रवाइयों को फिलहाल रोक दिया गया है। मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि वह कैबिनेट उप-समिति न तो कभी बैठक कर पाई और न ही उसने अपनी कोई रिपोर्ट सौंपी, जिसके कारण यह वित्तीय गतिरोध पैदा हुआ।

यह मामला राज्य और केंद्र के बीच शिक्षा क्षेत्र में चल रही रस्साकशी को उजागर करता है। शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में फंड रोके जाने से राज्य की शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर परस्पर विरोधी दावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र की केंद्रीय योजनाओं को राज्यों में लागू करने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गहरे मतभेद बने हुए हैं।