वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप का राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी
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भूकंप के तुरंत बाद ही ऐसा हुआ
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लाश के ऊपर से चलकर लूट रहे
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सुरक्षाकर्मी भी इसमें शामिल हैं
एजेंसियां
काराकासः वेनेजुएला में आए विनाशकारी दोहरे भूकंप के बाद वहां की स्थिति मानवीय त्रासदी के साथ-साथ अराजकता की ओर मुड़ गई है। तटीय राज्य ला गुआरा, जो काराकास के निकट स्थित है, भूकंप के कारण मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। इस आपदा के तुरंत बाद, प्रभावित क्षेत्रों में लूटपाट और चोरी की घटनाओं ने स्थिति को और अधिक भयावह बना दिया है।
भूकंप के झटके थमने के कुछ ही समय बाद, लूटेरों ने प्रभावित इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे लोग ढहे हुए स्टोरों से घरेलू उपकरण और अन्य सामानों के बक्से लूट रहे हैं। कुछ वीडियो में लूटा गया सामान कारों की छतों और मोटरसाइकिलों पर ले जाते हुए देखा जा सकता है। लूटपाट का दायरा इतना विस्तृत है कि स्टोर के अंदर की बिजली की केबल तक को नहीं छोड़ा गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि न केवल छोटे व्यवसाय, बल्कि प्रमुख फार्मेसी चेन की शाखाएं और सुपरमार्केट भी पूरी तरह से खाली कर दिए गए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 71 वर्षीय मारिया एस्तेर बर्नाल ने अत्यंत व्यथित होकर बताया कि लुटेरों ने एक सुपरमार्केट में मृत पड़े एक व्यक्ति के शव के ऊपर से गुजरकर लूटपाट की।
अराजकता के पीछे के कारण इस घटनाक्रम पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वर्ग इसे आपदा का अवसरवाद मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग देश की पहले से चल रही पुरानी आर्थिक और सामाजिक संकट को इसका मुख्य कारण बता रहा है। वेनेजुएला भूकंप से पहले ही भीषण आर्थिक संकट और गरीबी से जूझ रहा था। ऐसे में जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है, उनकी हताशा और भूख ने उन्हें इस अपराध की ओर धकेल दिया है।
इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे आरोप भी लग रहे हैं कि पुलिस और सैन्यकर्मी, जिन्हें सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, वे स्वयं घरों और मृतकों के सामानों की चोरी में संलिप्त हैं। यह अराजकता एक ऐसी मानवीय त्रासदी को जन्म दे रही है जहाँ लोग आपदा के शिकार होने के बजाय एक-दूसरे का ही शिकार करने पर मजबूर हैं।