गोवा चुनाव से पहले ही प्रदेश अध्यक्ष ने सोच स्पष्ट कर दी
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी गोवा कांग्रेस ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने रविवार को स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी चुनावों से पहले किसी भी ऐसे नेता को वापस नहीं लेगी, जिसने पूर्व में पार्टी छोड़कर अन्य दलों का दामन थामा था। दलबदलुओं के लिए कोई जगह नहीं एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चोडनकर ने कहा, हम उन नए लोगों का स्वागत करते हैं जो वास्तव में कांग्रेस में शामिल होकर भाजपा के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना चाहते हैं, लेकिन जो नेता पहले पार्टी छोड़कर जा चुके हैं, उनकी वापसी का कोई रास्ता नहीं है। गौरतलब है कि 2019 के बाद से गोवा में कांग्रेस के 18 विधायकों ने पाला बदलकर भाजपा का दामन थामा था। इस बड़े दलबदल के बाद पार्टी का यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ ही कांग्रेस ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का भी बड़ा ऐलान किया है। चोडनकर ने बताया कि पार्टी महिलाओं को चुनावी टिकटों में अब तक के 30 प्रतिशत आरक्षण से आगे ले जाकर, जहां भी संभव हो, 50 प्रतिशत तक अवसर देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य योग्य महिला उम्मीदवारों को आगे लाना है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की गोवा डेस्क सह-प्रभारी अंजलि निंबालकर और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. प्रतीक्षा खलाप की उपस्थिति में चोडनकर ने यह भी स्पष्ट किया कि गोआ फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन पूरी तरह से बरकरार है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में विपक्षी गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व में ही मजबूती से मैदान में उतरेगा। पार्टी का मुख्य उद्देश्य संगठन को धरातल स्तर पर मजबूत करना और उन समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका देना है जो भाजपा के विरोध में वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी का यह नो दलबदलू फार्मूला मतदाताओं के बीच विश्वसनीयता वापस पाने की एक बड़ी कोशिश है।