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कांगो में इबोला संक्रमितों की संख्या 896 हुई

उचित चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओँ का घोर अभाव

एजेंसियां

किनशासाः लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में इबोला वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार देर रात जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 896 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इस घातक बीमारी से अब तक 232 लोगों की जान जाने की पुष्टि की गई है।

यह आंकड़े बुधवार तक की स्थिति को दर्शाते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर संक्रमण के 21 नए मामले सामने आए हैं और छह लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। रिपोर्ट में विशेष रूप से चिंता व्यक्त की गई है कि पिछले एक सप्ताह में पुष्ट मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। यह प्रवृत्ति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वायरस अभी भी समुदायों के बीच सक्रिय रूप से फैल रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत और प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को पूरी गंभीरता से लागू नहीं किया गया, तो यह प्रकोप बहुत तेजी से नए क्षेत्रों में फैल सकता है। इबोला का यह प्रसार न केवल स्थानीय आबादी के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि यह देश की स्वास्थ्य प्रणाली पर भी भारी दबाव डाल रहा है।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य संगठनों और अंतरराष्ट्रीय निकायों ने कांगो सरकार से आग्रह किया है कि वे संक्रमण को रोकने के लिए स्क्रीनिंग, आइसोलेशन और टीकाकरण अभियान में और तेजी लाएं। इबोला का संक्रमण, जो अपने शुरुआती चरणों में फ्लू जैसे लक्षणों के साथ शुरू होता है, यदि समय पर इलाज न मिले तो घातक साबित होता है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सामुदायिक सहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग लक्षणों को पहचानें और समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। फिलहाल, प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि वायरस के प्रसार को किसी भी तरह से सीमित किया जा सके।