मणिपुर के उखरुल में असम राइफल्स चौकी को लेकर तनाव
-
इंफाल में एनआरसी के पक्ष में रैली निकली
-
असम भाजपा विधायक के घर छापा पड़ा
-
सीआरपी डीजी ने कहा इतने हथियार क्यों दिये
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः मणिपुर के उखरुल जिले में रविवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाके में सैकड़ों तंगखुल नगा महिलाएं असम राइफल्स की नई चौकी (बंकर) के विरोध में सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं का आरोप है कि यह बंकर गांव की अनुमति के बिना बनाया जा रहा है, जो स्थानीय कानूनों और आर्टिकल 371सी का उल्लंघन है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और महिलाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में 25 से अधिक लोग घायल हो गए। जहां स्थानीय लोगों ने जवानों पर लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग का आरोप लगाया है, वहीं जवानों ने कुछ महिलाओं पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश का दावा किया है।
इस बीच, मणिपुर में अन्य प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी गतिविधियां भी जारी रहीं। इम्फाल पूर्वी जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन केसीपी (एमएफएल) के पांच सक्रिय कैडरों को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं, राज्य की राजधानी इम्फाल में हजारों लोगों ने सामूहिक रैली निकालकर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अपडेट करने की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि राज्य के अस्तित्व को बचाने के लिए एनआरसी अनिवार्य है और इसके बिना जनगणना का कोई अर्थ नहीं है। नागरिक समाज संगठनों ने केंद्र पर मणिपुर की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है।
उधर, असम के मोरीगांव जिले में राज्य के अपराध जांच विभाग ने मत्स्य विकास निगम में हुए कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में भाजपा विधायक रमाकांत देउरी के आवास पर छापेमारी की। इस मामले में विधायक को पूछताछ के लिए समन भी जारी किया गया है।