GRP Training Update: जीआरपी को अब मिलेगी आधुनिक पुलिसिंग की ट्रेनिंग; संगठित अपराध और आतंकवाद से निपटने के लिए नया कोर्स शुरू
भोपाल: रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में जीआरपी ने एक बड़ा कदम उठाया है। जीआरपी कर्मियों को आधुनिक पुलिसिंग कौशल और तकनीक से अवगत कराने के लिए 15 दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कोर्स का शुभारंभ सोमवार को किया गया। सीआईडी के स्पेशल डीजी पंकज कुमार श्रीवास्तव और एडीजी रेलवे राजा बाबू सिंह ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह पहली बार है जब जीआरपी में इस स्तर का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि फोर्स को हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के लिए तैयार किया जा सके।
⚔️ अपराध पर लगाम: आतंकवाद से तस्करी तक की ट्रेनिंग
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बदलते सुरक्षा परिदृश्य में जीआरपी कर्मियों को सक्षम बनाना है। 30 प्रतिभागियों के इस पहले बैच को निम्नलिखित विषयों पर विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है:
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अपराध नियंत्रण: संगठित अपराध, साइबर क्राइम और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश।
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यात्री सुरक्षा: चलती ट्रेनों में चोरी और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम।
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आधुनिक तकनीक: अपराध स्थल पर जांच तकनीक, प्राथमिक साक्ष्य संग्रह और आरोपियों की पहचान।
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समन्वय: आरपीएफ (RPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल।
⏱️ रिस्पॉन्स टाइम और बेहतर संवाद पर जोर
एडीजीपी रेलवे राजा बाबू सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य जीआरपी की प्रतिक्रिया क्षमता (रिस्पॉन्स टाइम) को बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल कानूनी ज्ञान देना नहीं, बल्कि आम यात्रियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना है, ताकि रेलवे सुरक्षा को अधिक भरोसेमंद बनाया जा सके।” इस कोर्स में फील्ड ड्रिल और केस स्टडी के जरिए जवानों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
🗓️ निरंतर चलेगा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम
जीआरपी की कार्यप्रणाली को अपडेट रखने के लिए यह प्रशिक्षण केवल एक बार की प्रक्रिया नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, हर दो महीने में ऐसे रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किए जाएंगे, ताकि रेलवे में नियुक्त होने वाले नए जवानों को जीआरपी की गतिविधियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की सटीक जानकारी मिल सके। यह पहल यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।