दस घंटों में ही दस लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण किया
राष्ट्रीय खबर
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा शुरू किए गए नए राजनीतिक आंदोलन इधु नम्मा इयक्कम (यह हमारा आंदोलन है) ने जबरदस्त गति पकड़ ली है। शनिवार (6 जून, 2026) को मिली जानकारी के अनुसार, इस आंदोलन के आधिकारिक लॉन्च के महज 10 घंटों के भीतर 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने अपना पंजीकरण कराया है।
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए कहा, हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केवल 10 घंटों में 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों का पंजीकरण हमारे साझा विजन और सामूहिक मिशन में बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। मैं उन सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस आंदोलन में अपना भरोसा जताया है। इस नई शुरुआत की सफलता और मजबूती के लिए कांचीपुरम के कामाक्षी अम्मान मंदिर में विशेष प्रार्थनाएं और अनुष्ठान भी किए गए।
शुक्रवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। अपने त्यागपत्र में अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों पर उनके और पार्टी के विचार मेल नहीं खा रहे थे। उन्होंने कहा, वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि तमिलनाडु के भविष्य और दृष्टिकोण को लेकर हमारी राय अलग है।
यह घटनाक्रम उनके दिल्ली दौरे के तीन दिन बाद सामने आया है, जहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, महासचिव बीएल संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन (जहां पार्टी केवल 3 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर सकी) के बाद अन्नामलाई द्वारा उठाया गया यह कदम राज्य में एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश को दर्शाता है। अब देखना यह है कि क्या यह इधु नम्मा इयक्कम आगामी समय में तमिलनाडु के चुनावी परिदृश्य को बदलने में सफल होगा या नहीं।