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वह डाक्टर दरअसल हमास का कमांडर था

गाजा पर हमले के बाद इजरायली सेना का स्पष्ट आरोप

एजेंसियां

इजरायल और गाजा पट्टी के बीच चल रहे तनावपूर्ण माहौल में सोमवार को एक बेहद विवादास्पद घटनाक्रम सामने आया। इजरायली रक्षा बलों ने आधिकारिक बयान जारी कर यह दावा किया कि उन्होंने गाजा में एक ऐसे व्यक्ति को लक्षित कर मार गिराया है, जो दोहरी भूमिका निभा रहा था। सेना का आरोप है कि उक्त व्यक्ति एक ओर हमास की सैन्य शाखा में सक्रिय कंपनी कमांडर था और उसने इजरायल के विरुद्ध कई घातक हमलों की योजना बनाई व उन्हें अंजाम दिया, वहीं दूसरी ओर वह देर अल-बलाह स्थित याफा अस्पताल में एक डॉक्टर के रूप में कार्यरत था।

इजरायली सेना के अनुसार, यह कार्रवाई शनिवार को की गई थी, जिसे उन्होंने सटीक हमला की संज्ञा दी है। हालांकि, यह घटना क्षेत्र में घोषित संघर्ष विराम के दौरान हुई, जिसने इस दावे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। सेना का तर्क है कि वह व्यक्ति सैन्य गतिविधियों में लिप्त था, जिससे अस्पताल की आड़ में भी वह कानूनी सुरक्षा के दायरे से बाहर था।

दूसरी ओर, याफा अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। अस्पताल के कर्मचारियों ने डॉक्टर की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया कि वह विभाग में एनेस्थीसिया (निश्चेतना) विभाग के प्रमुख थे और उनका पूरा ध्यान मरीजों के इलाज पर केंद्रित था। अस्पताल ने किसी भी प्रकार के हमास संबंधों से इनकार किया है। आश्चर्यजनक रूप से, हमास की ओर से भी अभी तक यह आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि मृतक उनका सदस्य था।

इस घटना के बाद स्थिति और भी जटिल हो गई है। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी वाफा के अनुसार, सोमवार दोपहर मध्य गाजा के बुरेइज शरणार्थी शिविर में हुए एक अन्य हवाई हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई है। इस पर इजरायली सेना की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। यह घटनाक्रम युद्ध के दौरान चिकित्सा कर्मियों, अस्पतालों और सैन्य लक्ष्यों के बीच की धुंधली रेखाओं को उजागर करता है। विरोधाभासी दावों और जमीनी स्तर पर सूचनाओं के अभाव में, निष्पक्ष सच्चाई का पता लगा पाना एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।