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भर्ती घोटाला में मेजर जनरल सहित कई फंसे

सीबीआई की जांच अब सेना की कार्यवाही प्रारंभ

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः भारतीय सेना ने कपूरथला स्थित सर्विस सिलेक्शन सेंटर में अधिकारी पदों की चयन प्रक्रिया में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के बाद एक मेजर जनरल और कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाल ही में मेजर जनरल को मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र से संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही, लगभग 20 अन्य अधिकारियों, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त हो चुके सैन्यकर्मी भी शामिल हैं, को जांच के दौरान विभिन्न सैन्य इकाइयों से जोड़ दिया गया है।

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब मिलिट्री इंटेलिजेंस ने कुछ अधिकारियों द्वारा चयन के बदले 50,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की अवैध राशि स्वीकार करने की सूचना प्राप्त की। इसके बाद सेना मुख्यालय के अनुशासन और सतर्कता विभाग ने 2021 में केंद्रीय जांच ब्यूरो से गहन जांच का आग्रह किया। सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली, कपूरथला, बठिंडा, लखनऊ और जयपुर सहित भारत के 30 स्थानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में 23 व्यक्तियों को नामजद किया गया है।

घोटाले का मुख्य तंत्र रिव्यू मेडिकल बोर्ड के माध्यम से उन उम्मीदवारों को उत्तीर्ण कराना था, जिन्हें शुरू में चिकित्सा आधार पर अस्थायी रूप से खारिज कर दिया गया था। जांच में पाया गया कि एक जवान उन सभी खारिज उम्मीदवारों की सूची तैयार करता था जिनसे संपर्क किया जा सकता था। रिश्वत के लेन-देन में पारदर्शिता न बरतने के प्रयास किए गए, लेकिन कुछ भुगतान आरोपियों के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में यूपीआई के जरिए ट्रेस किए गए, हालांकि नकद भुगतान का सटीक आंकड़ा अभी भी रहस्य बना हुआ है।

सीबीआई ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में सेना से इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की सिफारिश की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सेना ने अब कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। मेजर जनरल और अधिकारियों के साथ-साथ, अधिकारी रैंक से नीचे के कुछ अन्य सैन्य कर्मियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है। यह मामला भारतीय सशस्त्र बलों में चयन प्रक्रिया की अखंडता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सेना के कड़े रुख को उजागर करता है।