वीजा देने के आंकड़ों से निरंतर बढ़ रही आशंका
एजेंसियां
डबलिन: ब्रिटेन के प्रशासनिक गलियारों (वाइटहॉल) में यह चिंता तेजी से बढ़ रही है कि आयरलैंड अपनी उदार वीजा नीति के कारण ब्रिटिश सुरक्षा के लिए रूसी जासूसों का एक चोर दरवाजा (बैक डोर) बनता जा रहा है। आयरलैंड सरकार के पूर्व बाल विकास मंत्री और डबलिन से वर्तमान यूरोपीय संसद सदस्य बैरी एंड्रयूज ने इस बात का खुलासा किया है। एंड्रयूज के अनुसार, यूके के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें आयरलैंड द्वारा रूसी नागरिकों को दी जा रही भारी संख्या में वीजा को लेकर सीधे तौर पर आगाह किया है। फिएना फेल पार्टी के नेता बैरी एंड्रयूज ने स्वीकार किया कि ब्रिटेन की तुलना में आयरलैंड के पास उन्नत और परिष्कृत खुफिया सेवाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, ब्रिटेन को इस बात का डर है कि लोग आयरलैंड आते हैं और हमारे पास वैसी निगरानी क्षमता नहीं है जैसी ब्रिटेन के पास है।
उल्लेखनीय है कि यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य आक्रमण के बाद से अब तक आयरलैंड ने रूसी आवेदकों को 14,000 वीजा जारी किए हैं, जो कि कुल आवेदनों का रिकॉर्ड 90 प्रतिशत है। एंड्रयूज ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि क्या इन आवेदनों की पर्याप्त जांच की जा रही है और क्या आयरलैंड में रूस की संदिग्ध व नापाक गतिविधियों के पीछे कोई ठोस सुरक्षा चूक है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आयरलैंड में रूस की ऐसी संदिग्ध गतिविधियों के कई पुख्ता सबूत भी मिले हैं।
सुरक्षा का यह संकट इसलिए अधिक गंभीर है क्योंकि आयरलैंड और ब्रिटेन कॉमन ट्रैवल एरिया समझौते का हिस्सा हैं, जिसके तहत दोनों देशों के बीच नागरिकों की आवाजाही पर कोई सख्त सीमा नियंत्रण नहीं होता। यूक्रेन युद्ध के बाद जहां पूरे शेंगेन क्षेत्र ने रूसी नागरिकों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं और युद्ध में शामिल रहे लोगों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है, वहीं आयरलैंड की ढीली वीजा नीति इस सुरक्षा चक्र में एक बड़ा छेद साबित हो रही है।
आयरलैंड को मिलने वाली आगामी यूरोपीय संघ की अध्यक्षता इस खतरे को और बढ़ा रही है। एंड्रयूज के अनुसार, यूरोपीय संघ की अध्यक्षता संभालने वाले देशों को अक्सर रूस द्वारा साइबर हमलों, हवाई अड्डे ठप करने और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि अब समय आ गया है जब रूसी और बेलारूसी नागरिकों को वीजा देने की प्रक्रिया का एक्स-रे (गहन स्कैन) किया जाए, जिसमें आवेदकों के सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच और आमने-सामने इंटरव्यू शामिल हों।