दिल्ली में बड़ी सावधानी से सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की
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खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक मिली थी
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उस पर यूएपीए के 12 मामले दर्ज हैं
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सूचना पर मणिपुर में हथियार बरामद
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के एक हाई-रिस्क संयुक्त अभियान (जॉइंट ऑपरेशन) के बाद प्रतिबंधित मणिपुरी विद्रोही संगठन कांग्लेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी ताईबंगनबा समूह के शीर्ष कमांडर हाओबीजाम दिलीप सिंह को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, सिंह कथित तौर पर एक गुप्त बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं। जांचकर्ता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह विद्रोही समूह दिल्ली में एक परिचालन नेटवर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहा था या देश के अन्य प्रमुख महानगरों में गतिविधियों की योजना बना रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस गिरफ्तारी को एक हाई-वैल्यू कैप्चर बताया है, क्योंकि प्रतिबंधित संगठन में सिंह की अहम भूमिका थी और वह मणिपुर में कई उग्रवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।
गहन पूछताछ के बाद, सुरक्षा बलों ने मणिपुर के काकचिंग जिले में एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए।
बरामद हथियारों में एक एके-56 राइफल, एक अमोघ राइफल, एक एक्यूरेसी इंटरनेशनल राइफल और स्कोप लगी एक एम4 राइफल शामिल हैं। इसके अलावा इंसास, एके, एसएलआर, एम4 और लाइट मशीन गन राइफलों की कई खाली मैगजीन भी जब्त की गईं।
इस अभियान में आगे 51 अत्यधिक विस्फोटक बम, दो पैरा बम, 11 डेटोनेटर और चार लेथोड शेल भी बरामद किए गए। इसके साथ ही एके, इंसास, एसएलआर, .303 और अमोघ गोला-बारूद सहित विभिन्न कैलिबर के लगभग 2,000 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
सुरक्षाकर्मियों ने बैग, तिरपाल की चादरें, प्लास्टिक के कंटेनर और एयरटेल व जियो सिम कार्ड से लैस एक रेडमी 13सी मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जांचकर्ता वर्तमान में संचार रिकॉर्ड, संपर्क नेटवर्क और स्लीपर मॉड्यूल या लॉजिस्टिक सहायता प्रणालियों के साथ संभावित संबंधों के लिए इस डिवाइस का विश्लेषण कर रहे हैं। अधिकारियों को संदेह है कि बरामद हथियारों और विस्फोटकों का उद्देश्य मणिपुर और संभवतः देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम देना था।
दिल्ली में एक वरिष्ठ विद्रोही कमांडर की मौजूदगी ने पूर्वोत्तर स्थित उग्रवादी संगठनों के अपने पारंपरिक कार्यक्षेत्रों से बाहर पैर पसारने को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। केंद्रीय एजेंसियां अब राजधानी में सिंह की गतिविधियों, उसके स्थानीय संपर्कों और इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह कथित गुप्त बैठक भर्ती, वित्तपोषण, लॉजिस्टिक्स या परिचालन योजना से जुड़ी थी। मामले की जांच जारी है और विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।