शादी समारोह में भोजन करने के बाद अचानक सभी बीमार
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मूनक में एक शादी का समारोह था
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राज्य के कैबिनेट मंत्री अस्पताल पहुंचे
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ईलाज के बाद मरीजों की हालत बेहतर
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः संगरूर के मूनक में एक शादी समारोह के दौरान भोजन करने के बाद महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोग बीमार पड़ गए। उन्हें इलाज के लिए मूनक के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ लोगों को निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। फूड पॉइजनिंग के कारण कुल 72 लोगों का इलाज चल रहा है, और राज्य सरकार ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री एडवोकेट बरिंदर कुमार गोयल ने संगरूर के सिविल सर्जन, एसडीएम और अन्य अधिकारियों को तुरंत अस्पताल पहुंचने और मरीजों के लिए उचित इलाज तथा सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने को कहा, जब तक कि सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते।
उनके निर्देशों के बाद दोनों विभागों के अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा कर इलाज की प्रक्रिया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। चिकित्सा उपचार में तेजी लाई गई और मरीजों को हर संभव स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए विभिन्न शहरों से डॉक्टरों की टीमों को बुलाया गया। कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए संगरूर भी रेफर किया गया है। बरिंदर कुमार गोयल ने आज खुद मूनक के सिविल अस्पताल का दौरा कर मरीजों का हालचाल जाना और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
दौरे के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों, डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और चल रहे इलाज की समीक्षा की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए गोयल ने बताया कि शादी समारोह में खाना खाने वाले करीब 72 लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि अब सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। कोहरियां, संगरूर, भवानीगढ़ और लहरागागा से डॉक्टरों की टीमें मरीजों का इलाज कर रही हैं और पटियाला से विशेषज्ञों की एक टीम मूनक अस्पताल के लिए रवाना हो चुकी है।
संगरूर के सिविल सर्जन व्यक्तिगत रूप से इलाज की निगरानी कर रहे हैं, और मरीजों की देखभाल में कोई कमी न रहे, इसके लिए स्वास्थ्य सेवा निदेशक के साथ भी चर्चा की गई है। गोयल ने स्पष्ट किया कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर तीन एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि सभी मरीजों ने मिल रही चिकित्सा सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया है।
गोयल ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार को दूध और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ देश भर में सख्त कानून बनाना चाहिए। इस बीच, उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी।