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युद्ध का समय अब रूस के पक्ष में नहीः रोसिन

एस्टोनिया के खुफिया प्रमुख ने अपना निष्कर्ष बयां किया

एजेंसियां

टालिन, एस्टोनियाः एक यूरोपीय खुफिया प्रमुख ने बताया है कि युद्ध के मैदान में गतिरोध और देश के भीतर बढ़ती समस्याओं के बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए समय खत्म हो रहा है। टालिन में एस्टोनियाई विदेशी खुफिया एजेंसी के मुख्यालय में दिए एक साक्षात्कार में इस एजेंसी के प्रमुख काउपो रोसिन ने कहा कि अगले चार या पांच महीनों में पुतिन शायद अब मजबूत स्थिति से बातचीत करने में सक्षम नहीं होंगे। रोसिन ने पुतिन के सामने आ रहे आर्थिक, सैन्य और सामाजिक दबावों के उन मिले-जुले कारणों का विस्तार से विवरण दिया जो उन्हें बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा, समय रूस के पक्ष में नहीं है। कभी सोवियत गणराज्य रहा एस्टोनिया अब नाटो के लिए एक प्रमुख निगरानी केंद्र है, और रोसिन अपने कामकाजी जीवन का एक बड़ा हिस्सा अपने आक्रामक पड़ोसी देश (रूस) के भीतर चल रही गतिविधियों के विश्लेषण में बिताते हैं।

रोसिन ने कहा, अब मुझे पूर्ण विजय के बारे में कोई बात सुनने को नहीं मिलती। (क्रेमलिन में) लोग यह मान रहे हैं कि यूक्रेनी युद्ध के मैदान में स्थिति बहुत अच्छी नहीं चल रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मॉस्को जितने सैनिकों की भर्ती कर पा रहा है, उससे कहीं अधिक लोग वह खो रहा है।

वॉशिंगटन डीसी स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज और अन्य विश्लेषकों के अनुसार, जनवरी तक के दो वर्षों में रूसी सेनाएं औसतन 70 मीटर (230 फीट) प्रति दिन की रफ्तार से आगे बढ़ीं, जिसमें रोजाना लगभग 1,000 सैनिक मारे गए या घायल हुए। इस साल वह मामूली बढ़त भी रुक गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले हफ्ते कहा था कि रूसी सेना हर महीने 15,000 से 20,000 सैनिक खो रही है। घायल नहीं, बल्कि मृत।

यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में 35,203 रूसी सैनिक मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए, जो पिछले दो महीनों के समान ही था। सीएनएन दोनों पक्षों के इस नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में असमर्थ है, क्योंकि मॉस्को और कीव आधिकारिक आंकड़े जारी करने से बचते हैं।

इस युद्ध में अधिकांश हताहत ड्रोन हमलों के कारण हो रहे हैं, जिसमें यूक्रेन और रूस दोनों ने भारी निवेश किया है। रोसिन का अनुमान है कि ड्रोन युद्ध की ओर बढ़ते इस झुकाव के कारण फ्रंट लाइनों (मोर्चे) पर बड़े बदलाव सीमित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दोनों पक्ष दुश्मन के पिछले इलाकों में गहराई तक एक बड़े, यंत्रीकृत (मैकेनाइज्ड) हमले को अंजाम देने में असमर्थ हैं।

जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ा है, ड्रोन तकनीक में दोनों पक्षों का पलड़ा बारी-बारी से भारी रहा है। लेकिन यूक्रेन का दावा है कि इंटरसेप्टर ड्रोन की नई पीढ़ी उसके शहरों पर होने वाले रूसी हमलों के प्रभाव को कम कर रही है। यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने इस सप्ताह कहा, पिछले चार महीनों में इंटरसेप्टर ड्रोन द्वारा मार गिराए गए शाहेद ड्रोन की हिस्सेदारी दोगुनी हो गई है।

रोसिन के अनुसार, यदि रूस अपने अभियान को फिर से तेज करना चाहता है और यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र के शेष हिस्से पर कब्जा करना चाहता है—जो उसका सार्वजनिक रूप से घोषित लक्ष्य है—तो उसके पास एकमात्र विकल्प किसी प्रकार की जबरन लामबंदी (सैनिकों की अनिवार्य भर्ती) ही होगा।