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Yamunanagar Toll Plaza: यमुनानगर में ग्रामीणों ने किया टोल प्लाजा जाम; स्थानीय लोगों के लिए की टोल फ्री करने की मांग

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित एक प्रमुख टोल प्लाजा पर आज उस समय भारी तनाव और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई, जब बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने एकत्रित होकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण अपने गांव के वाहनों के लिए टोल फ्री (मुफ्त आवाजाही) सुविधा की मांग कर रहे थे। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने टोल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। टोल प्लाजा पर भारी संख्या में ग्रामीणों के जुटने और चक्काजाम की आपातकालीन सूचना मिलते ही थाना छप्पर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

🚧 नई कंपनी के ठेका लेते ही बंद हुई पुरानी टोल फ्री सुविधा: ग्रामीणों ने कहा— हमारी जमीनें दूसरी तरफ, दिन में कई बार आना-जाना

प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि पिछले साल वे इस समस्या को लेकर टोल प्लाजा के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले थे। उस समय उनकी जायज समस्या को देखते हुए अधिकारियों ने उनके गांव के लोगों को आने-जाने के लिए टोल फ्री पास की सुविधा दे दी थी, क्योंकि किसानों को दिन में कई बार अपने खेतों और जमीन की देखभाल के लिए टोल के इधर से उधर आना-जाना पड़ता है।

लेकिन, अब इस टोल प्लाजा पर एक नई कंपनी ने ठेका ले लिया है, जिसने कार्यभार संभालते ही स्थानीय लोगों को दी गई टोल फ्री सुविधा को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसी अधिकार को वापस पाने के लिए ग्रामीणों को मजबूरन जाम लगाना पड़ा है। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी ने इसी दौरान टोल प्लाजा के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात की, जिस पर प्रबंधन ने इस तकनीकी समस्या को सुलझाने के लिए कल शाम 4:00 बजे तक का समय मांगा है। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि कल शाम तक उनके वाहनों को टोल फ्री नहीं किया गया, तो वे फिर से अनिश्चितकालीन जाम और उग्र आंदोलन करेंगे।

🚜 किसी भी कीमत पर टोल टैक्स नहीं देंगे किसान: हाईवे के दोनों तरफ बंटी हैं जमीनें, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी कृषि भूमि और खेत टोल प्लाजा के दूसरी तरफ स्थित हैं। कृषि कार्यों, ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें बार-बार इस पार से उस पार जाना पड़ता है। नई कंपनी द्वारा हर चक्कर पर टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो किसानों के लिए भारी आर्थिक बोझ है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वे अपनी ही जमीन पर जाने के लिए किसी भी कीमत पर टोल टैक्स नहीं देंगे और इसके लिए वे कानूनी व मैदानी स्तर पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।