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मणिपुर में हथियारों की तस्करी की कोशिश नाकाम

कार्रवाई में 167 हथियार और गोला-बारूद जब्त

  • चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया

  • मुख्यमंत्री ने हिंसा पर बातचीत को कहा

  • असम में मवेशी तस्करी पर लगी रोग

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के लामदेंग इलाके में सुरक्षा बलों (मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ) ने एक बड़े संयुक्त अभियान में हथियारों की तस्करी के एक बड़े षड्यंत्र को नाकाम कर दिया। खुफिया जानकारी के आधार पर 21 मई को शुरू हुए इस अभियान के दौरान प्रतिबंधित संगठन यूएनएलएफ (पी) से जुड़े 4 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया।

सुरक्षा बलों ने इनके पास से और संगठन के एक कथित अनधिकृत शिविर से भारी मात्रा में सैन्य-श्रेणी के उपकरण बरामद किए। इसमें 167 हथियार, आरपीजी-7 लांचर, स्नाइपर राइफल, एके और एम-सीरीज राइफलें, मोर्टार, एक एंटी-ड्रोन जैमर और भारी मात्रा में गोला-बारूद शामिल हैं।

पुलिस ने जनता से अवैध हथियारों की सूचना देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। इसी बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने नागरिकों से बंद और नाकाबंदी से बचने तथा बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने का आग्रह किया है, क्योंकि इससे दैनिक वेतन भोगियों को सबसे अधिक आर्थिक नुकसान होता है।

असम विधानसभा के सत्र के दौरान 22 मई को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित कई विपक्षी विधायकों ने राज्यपाल के संबोधन का बहिष्कार किया। विपक्ष का आरोप है कि राज्यपाल का भाषण बढ़ती कीमतों और मुद्रास्फीति (महंगाई) के कारण असम के आम लोगों, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के सामने आ रही गंभीर कठिनाइयों को दूर करने में विफल रहा। कांग्रेस विधायक रकीबुद्दीन अहमद ने कहा कि दैनिक आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और सरकार जनता के इस संकट को स्वीकार करने में पूरी तरह विफल रही है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ने गैर-कानूनी मवेशी व्यापार और चोरी के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। इस राज्यव्यापी अभियान के तहत अब तक 856 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 2,980 किलोग्राम से अधिक बीफ जब्त किया गया है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया ने भी असम के अधिकारियों को पत्र लिखकर बिना जरूरी दस्तावेजों और नियमों के उल्लंघन के मवेशियों के अवैध परिवहन की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त नहीं कर दिया जाता।