Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
राज्यसभा चुनाव में तेज हुआ जोड़ घटाव का खेल Solar Power Plant in Sitapur: रक्षा भूमि पर देश का पहला बड़ा सोलर प्रोजेक्ट; राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी Yamuna O-Zone Delhi: यमुना किनारे रहने वालों को बड़ी राहत; बीजेपी सांसदों ने कहा- 'पुरानी बस्तियों पर... PM Modi Historic Record: पीएम मोदी बने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री; नेहरू का रिकॉ... INDIA Alliance Meeting: गठबंधन का पीएम चेहरा तय करने की मांग; संजय राउत बोले- 'अगर मोदी बन सकते हैं ... Bihar Industrial Policy: बिहार में उद्योग लगाना हुआ आसान; 30 दिनों में नहीं मिली मंजूरी तो आवेदन होग... MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द; मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर BJP की जीत प... Baghpat Crime News: बागपत में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग; टेंट व्यवसायी के पिता-पुत्र की हत्या, इला... Jaipur Fire Accident: जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, कई गंभीर Delhi Weather Alert: दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम; 11 जून को 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बा...

उमर खालिद को दिल्ली में तीन दिनों की जमानत

मां के ऑपरेशन के लिए उच्च न्यायालय ने छूट दी

  • 2 जून को उनकी मां का ऑपरेशन

  • अंतरिम जमानत में शर्तें भी लागू

  • निचली अदालत ने किया था इंकार

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उमर खालिद को तीन दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। यह राहत उन्हें साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़े षड्यंत्र के यूएपीए मामले में दी गई है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने आदेश दिया कि खालिद को कड़ी शर्तों के साथ 1 जून से 3 जून तक के लिए रिहा किया जाए। उमर खालिद ने अपने दिवंगत चाचा के निधन के बाद चहलुम की रस्म में शामिल होने और अपनी मां की चिकित्सा सर्जरी (जो 2 जून को निर्धारित है) की देखरेख के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी। उन्होंने ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) के 19 मई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया गया था।

सुनवाई के दौरान खालिद के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पाइस ने दलील दी कि अतीत में भी उनकी बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी और उन्होंने कभी शर्तों का उल्लंघन नहीं किया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने विरोध करते हुए कहा कि सर्जरी मामूली है और परिवार के अन्य सदस्य देखभाल कर सकते हैं।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए 3 दिनों की जमानत मंजूर की ताकि खालिद अपनी मां के साथ समय बिता सकें। अदालत ने शर्त रखी है कि इस दौरान खालिद के पास केवल एक मोबाइल फोन रहेगा और वे जांच अधिकारी  के निरंतर संपर्क में रहेंगे।

वैसे उमर खालिद की जमानत का मामला इनदिनों न्यायिक चर्चा के बीच आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने पूर्व आदेश की आलोचना करते हुए कहा है कि भारतीय संविधान और न्याय के तहत जमानत ही एक प्रक्रिया है, जो हर भारतीय को मिलना  चाहिए। इसी क्रम में बिना जांच के अनंत काल तक किसी को जेल में रखने को भी सजा ही माना गया है। लिहाजा ऐसे मौके पर उमर खालिद को मिली अंतरिम जमानत के बाद शीर्ष अदालत में फिर से यह मामला विचार के लिए पेश होगा।