धमतरी : देशभर में चर्चित NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के निर्देशानुसार प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। धमतरी में भी एनएसयूआई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया।
📜 परीक्षा रद्द करने की मांग: ‘छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा शहर
एनएसयूआई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में राजीव भवन में एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कार्यकर्ता गांधी मैदान पहुंचे। इस दौरान छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद, NEET परीक्षा रद्द करो और पेपर लीक बंद करो जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
⚠️ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़: परीक्षा प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक ने लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। छात्रों ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके कारण देशभर के छात्र मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भरोसा मौजूदा व्यवस्था से उठता जा रहा है।
⚖️ पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री का पुतला दहन: पुलिस के साथ हुई झूमाझटकी
गांधी मैदान पहुंचकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी भारी संख्या में मौके पर मौजूद रहा। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगाई, पुलिस जवानों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ देर के लिए कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झूमाझटकी की स्थिति भी बनी, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया।
📢 एनएसयूआई का अल्टीमेटम: निष्पक्ष जांच और दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और छात्रों के हितों में फैसला नहीं लिया गया, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय न हो सके।