देवघर: जिले के सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और कूड़े के अंबार से उठ रही दुर्गंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल पहुंचते ही उन्हें गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
🚮 नगर निगम पर लापरवाही का आरोप: पार्किंग स्टैंड के पास जमा है कूड़ा
अस्पताल परिसर के बाहर बने पार्किंग स्टैंड के पास नगर निगम के कचरा डब्बों में और उसके आसपास पिछले कई दिनों से कूड़ा जमा है। समय पर कचरा उठाव नहीं होने के कारण वहां से तेज दुर्गंध फैल रही है। अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि इस बदहाल व्यवस्था से स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड़ सकता है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
👩⚕️ अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया: डॉ. सुषमा वर्मा ने निगम को ठहराया जिम्मेदार
सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने माना कि गंदगी के कारण मरीजों और अस्पताल प्रबंधन दोनों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कचरा उठाव नहीं होने से स्थिति खराब हुई है। इसके अलावा, परिजनों ने आरोप लगाया कि मेटरनिटी वार्ड में भी पर्याप्त बेड की व्यवस्था नहीं है और वहां भी सफाई की कमी है।
⚠️ स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा: शाम तक कचरा हटाने का मिला आश्वासन
डॉ. सुषमा वर्मा ने बताया कि इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। निगम की ओर से जल्द कचरा हटाने का आश्वासन दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन को उम्मीद है कि शाम तक अस्पताल परिसर से कचरा उठा लिया जाएगा और सफाई व्यवस्था बहाल हो जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कचरा उठाव की व्यवस्था स्थायी रूप से सुधारी जाए।
📢 जनता की मांग: नियमित सफाई और बुनियादी सुविधाओं में हो सुधार
अस्पताल आने वाले परिजनों का कहना है कि कचरे की वजह से मुख्य गेट के पास खड़ा होना भी दूभर हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि न केवल कचरा उठाव, बल्कि अस्पताल के भीतर वार्डों की सफाई और बेड की कमी जैसी समस्याओं का भी तुरंत समाधान किया जाए, ताकि देवघर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।