Election Commission Update: झारखंड समेत 16 राज्यों में मतदाता पुनरीक्षण शुरू, 7 अक्टूबर को आएगी नई लिस्ट
रांची: झारखंड समेत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को भारत निर्वाचन आयोग ने हरी झंडी दे दी है। आयोग के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि को आधार मानते हुए झारखंड में 30 जून से घर-घर सर्वेक्षण का काम शुरू किया जाएगा, जो 29 जुलाई तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और अपडेटेड बनाना है।
📅 चुनाव आयोग का शेड्यूल: 7 अक्टूबर 2026 को होगा अंतिम सूची का प्रकाशन
जारी शेड्यूल के अनुसार, 29 जुलाई को मतदान केंद्रों का पुनरीक्षण होगा और 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिकेशन किया जाएगा। 5 अगस्त से 4 सितंबर तक मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी, जिनका निपटारा 3 अक्टूबर तक किया जाएगा। अंततः, 7 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग द्वारा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
🌐 तीसरे चरण का विस्तार: 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश होंगे कवर
झारखंड के साथ-साथ कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी इसी शेड्यूल के साथ SIR कराए जाएंगे। तीसरे चरण के इस कार्यक्रम में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और तेलंगाना जैसे राज्य शामिल हैं। यह चरण हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरे देश को कवर करेगा। इन क्षेत्रों के लिए मौसम की स्थिति देखते हुए कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी।
👥 जमीनी स्तर पर तैयारी: बीएलओ और एजेंटों की सहायता से होगा सर्वे
SIR चरण-III के दौरान, देशभर में 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तर के अधिकारी (BLOs) राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त एजेंटों (BLAs) की सहायता से 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाएंगे। आयोग ने सुनिश्चित किया है कि हर घर तक पहुंच बनाकर वास्तविक मतदाताओं की पहचान की जाए और दोहरे या फर्जी नामों को हटाया जा सके। इसके लिए अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
📍 झारखंड का लक्ष्य: 29,571 बीएलओ पहचानेंगे 2.64 करोड़ मतदाता
झारखंड में होने वाले SIR के लिए 29,571 बीएलओ लगाए जाएंगे, जिन्हें राज्य के 2,64,89,777 मतदाताओं की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 21,644 बीएलए भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। आयोग ने निर्देश दिया है कि 20 जून से 29 जून तक सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाए, जिसके तुरंत बाद 30 जून से फील्ड वर्क शुरू होगा।