Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

झारखंड की वरिष्ठ महिला माओवादी नेता गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस को नक्सलवाद नियंत्रण में बड़ी कामयाबी

  • श्रद्धा पर पंद्रह लाख का पुरस्कार रखा था

  • माधई पात्रा नामक कैडर का आत्मसमर्पण

  • गिरफ्तार नेत्री की तबियत बहुत खराब है

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: कोलकाता पुलिस ने उत्तर काशीपुर इलाके से झारखंड की एक वरिष्ठ माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ ​​बेला को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से नदिया के चकदाह की रहने वाली बेला, माओवादियों की झारखंड क्षेत्रीय समिति की सदस्य हैं और लंबे समय से झारखंड में सक्रिय थीं। इसके साथ ही, हुगली के रहने वाले माधई पात्रा नामक एक अन्य माओवादी ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

मंगलवार दोपहर अलीपुर बॉडीगार्ड लाइन्स में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरफ्तार माओवादी नेता से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। बेला से पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस की एक टीम भी कोलकाता आएगी। पुलिस ने बताया कि बेला की शारीरिक स्थिति फिलहाल बहुत अच्छी नहीं है। वह 2005 से झारखंड में सक्रिय थीं और वहां उनके खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। झारखंड सरकार ने उन पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह मुख्य रूप से घाटशिला, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्रों में सक्रिय थीं।

कमिश्नर के अनुसार, बेला का नाम 2004-05 में पश्चिम मेदनीपुर के बेलपहाड़ी के एक मामले में भी सामने आया था, जिसमें उन्हें गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, जमानत मिलने के बाद वह पश्चिम बंगाल छोड़कर झारखंड चली गईं और वापस नहीं लौटीं। हाल ही में वह किसी कारणवश कोलकाता आई थीं, जिसकी गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। वह कोलकाता कब और क्यों आईं, इसकी गहन जांच की जा रही है।

दूसरी ओर, हुगली के जांगीपाड़ा निवासी माधई पात्रा ने भी मंगलवार को पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। माधई 2007 में पहली बार गिरफ्तार हुए थे, जिसके बाद वह झारखंड चले गए और वहां माओवादी गतिविधियों में लिप्त रहे। पुलिस कमिश्नर ने कहा, माधई अब सामान्य जीवन जीना चाहते हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।

पत्रकारों से बात करते हुए माधई ने कहा कि शुरुआत में पार्टी की नीतियां अच्छी थीं, लेकिन समय के साथ उनमें बदलाव आया और समाज भी बदल गया। उन्होंने संगठन में सक्रिय अन्य साथियों से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लौटें।