Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क...

ईंधन कटौती की अपील पर कांग्रेस का तीखा हमला

पहले की चेतावनियों को चुनाव में अनसुना क्यों किया गया

  • पहले इसे खुले तौर पर नकारा क्यों

  • समस्या के समाधान का उपाय क्या

  • राहुल गांधी ने पहले ही आगाह किया

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और सोने की खरीद टालने की अपील किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्य विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री पर ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया और उनकी अपील को शर्मनाक और लापरवाह करार दिया।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट का बोझ आम नागरिकों पर डालना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्ष के महीनों से जारी रहने के बावजूद सरकार ने अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय व्यवधानों से बचाने के लिए कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए हैं।

वेणुगोपाल ने लिखा, ईरान-अमेरिका युद्ध को तीन महीने बीत चुके हैं और पीएम मोदी अभी भी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के मामले में दिशाहीन हैं। यह शर्मनाक, लापरवाह और अनैतिक है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए उचित योजना बनाने के बजाय आम नागरिकों को असुविधा में धकेल रहे हैं।

हैदराबाद में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल के उपयोग में कटौती करने, कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम अपनाने, कारपूलिंग करने और कम से कम एक साल तक सोने की खरीद व विदेश यात्रा टालने का आग्रह किया था। पीएम ने तर्क दिया था कि युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे उर्वरक और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना अब अनिवार्य है।

इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने आर्थिक तबाही की चेतावनी दी है। वेणुगोपाल ने कहा, जब प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता चुनाव और तुच्छ राजनीति होती है, तो उसका अंतिम परिणाम एक आसन्न आर्थिक तबाही के रूप में सामने आता है। उन्होंने मांग की कि सरकार पर्याप्त ईंधन भंडार सुनिश्चित करे ताकि किसी भी नागरिक को उनकी योजना की कमी के कारण कठिनाई का सामना न करना पड़े।

दूसरी ओर, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री की अपील का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईंधन का संरक्षण करने से भारत को उन चुनौतियों से उबरने में मदद मिलेगी जो प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों के बीच सैन्य संघर्ष के कारण पैदा हुई हैं। पुरी ने एक्स पर लिखा कि भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल है जिसने वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा है और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपाय ऊर्जा आयात बिल को कम करने और राष्ट्र को इस गंभीर संकट से बाहर निकालने में सहायक होंगे।