कामजोंग में अपहृत महिलाओं को बचाया
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ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा
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दो महिला सहित पांच लोग गिरफ्तार
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आतंकी संगठनों के तीन लोग पकड़ाये
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः भारत-म्यांमार सीमा और मणिपुर के विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में साहसिक हस्तक्षेप करते हुए न केवल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हिंसा को फैलने से रोका, बल्कि उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क को भी ध्वस्त किया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, असम राइफल्स ने कामजोंग जिले में सीमावर्ती गांवों—जेड चोरो और नामली के पास—भारी गोलीबारी और विस्फोटों के बाद त्वरित कार्रवाई की। हिंसा को बढ़ने से रोकने के लिए सैनिकों ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का नियंत्रण संभाला और 10 क्षतिग्रस्त घरों को सुरक्षित किया।
इस मानवीय अभियान में महिलाओं और बच्चों सहित 15 ग्रामीणों को बचाकर सुरक्षित शिविरों में पहुँचाया गया। सीमा पार से आई एक घायल म्यांमार महिला को भी प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा निकासी सहायता प्रदान की गई। इसी अभियान के दौरान एक सशस्त्र उग्रवादी को एके-47 राइफल और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया।
मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर अंतर-जिला ड्रग तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पिछले 36 घंटों में हुई कार्रवाई में दो महिलाओं सहित पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया। सेनापति जिले के टी. खुल्लेन नाका चेक पोस्ट पर एक वाहन की तलाशी के दौरान रेडिएटर और अन्य गुप्त हिस्सों में छिपाई गई ब्राउन शुगर की 99 साबुन की डिब्बियां बरामद की गईं। कुल मिलाकर 220 डिब्बियां और नकदी जब्त की गई है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क कांगपोकपी और सेनापति जिलों के बीच सक्रिय था।
इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट जिलों में चलाए गए काउंटर-इंसर्जेंसी अभियान में तीन सक्रिय उग्रवादियों को पकड़ा गया। इनमें प्रतिबंधित संगठन केवाईकेएल-एसआरपी का एक पुरुष कैडर और प्रीपैक की एक महिला कैडर शामिल है। इसके अतिरिक्त, असम राइफल्स और खुफिया एजेंसियों के दबाव के कारण कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (केएनए-बी) द्वारा अगवा की गई एक महिला को जेड चोरो गांव के पास सुरक्षित रिहा कराने में सफलता मिली।