Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: चेन्नई से दिल्ली तक हलचल; एक्टर विजय ने सरकार बनाने के लिए क्यों मांगा कांग्रेस... Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर अब AI रखेगा नजर; दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU साइ... West Bengal CM Update: नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह; 8 मई को विधाय... West Bengal CM Race: कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस के बीच दिल्ली पहुंचीं अग्निमित्रा प... Crime News: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम, अपना ही प्राइवेट पार्ट काटा; अस्पताल में... Bihar Cabinet Expansion 2026: सम्राट कैबिनेट में JDU कोटे से ये 12 चेहरे; निशांत कुमार और जमा खान के... UP News: 70 साल के सपा नेता ने 20 साल की युवती से रचाया ब्याह; दूसरी पत्नी का आरोप- 'बेटी की उम्र की... प्लास्टिक के कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया MP Govt Vision 2026: मोहन सरकार का बड़ा फैसला; 2026 होगा 'कृषक कल्याण वर्ष', खेती और रोजगार के लिए 2... Wildlife Trafficking: भोपाल से दुबई तक वन्यजीवों की तस्करी; हिरण को 'घोड़ा' और ब्लैक बक को 'कुत्ता' ...

पीठ में  पीठ में छुरा घोंपने वाली कार्रवाईः डीएमके

विजय की पार्टी को कांग्रेस के समर्थन पर नाराजगी

  • भाजपा को रोकना जरूरीः कांग्रेस

  • एआईएडीएमके में फूट के आसार

  • पड़ोसी राज्य में कांग्रेस की वापसी

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। दशकों पुराने सहयोगियों, द्रमुक और कांग्रेस के बीच दरार अब खुले संघर्ष में बदल गई है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने के फैसले पर डीएमके ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस को पीठ में छुरा घोंपने वाला करार दिया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस की संसदीय कार्य समिति की देर रात हुई बैठक में विजय की टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस तमिलनाडु में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार चाहती है और वह भाजपा या उसके प्रतिनिधियों को सत्ता से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

हालांकि, डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने खुद को मूर्ख साबित किया है। उन्होंने राहुल गांधी और विजय की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस के किसी अति-उत्साही नेता ने सब कुछ बिगाड़ दिया है। इससे तमिलनाडु की वर्तमान राजनीतिक स्थिति बेहद जटिल हो गई है।डीएमके नेताओं का कहना है कि महज 5 सीटों वाली कांग्रेस, विजय की सरकार बनाने में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभा सकती। टी.के.एस. एलंगोवन ने चेतावनी दी कि कांग्रेस का यह रवैया उसे दिल्ली और पश्चिम बंगाल की तरह तमिलनाडु में भी खत्म कर देगा।

दूसरी ओर, 43 सीटें जीतने वाली एआईएडीएमके में भी आंतरिक कलह शुरू हो गई है। पार्टी के भीतर इस बात को लेकर गहरे मतभेद हैं कि क्या उन्हें विजय का समर्थन करना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी कांग्रेस को सत्ता में शामिल होने से रोकने के लिए एआईएडीएमके पर दबाव बना रहा है।

तमिलनाडु में अब गठबंधन की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर है। जहां एक तरफ कांग्रेस, विजय के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में है, वहीं डीएमके अपने पुराने साथी के इस धोखे से आहत है। भाजपा की रणनीति चेन्नई में कांग्रेस समर्थित सरकार को रोकने की है, विशेषकर पड़ोसी राज्य केरल में कांग्रेस की हालिया जीत के बाद।