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बंगाल का चुनाव खत्म होते ही बदल गयी परिस्थिति

आई पैक के निदेशक की जमानत पर ईडी राजी

  • चुनाव से पहले गिरफ्तार किया गया

  • पहली बार ईडी ने विरोध किया था

  • इस बार ईडी ने आपत्ति दर्ज नहीं की

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को बड़ी राहत दी है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जमानत याचिका का विरोध न करने के बाद अदालत ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है।गुरुवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने चंदेल की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि चूंकि ईडी ने इस याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, इसलिए उन्हें रिहा किया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने उनकी रिहाई के साथ कई शर्तें भी लागू की हैं।

इससे पहले मंगलवार को अदालत ने चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह असाधारण मानवीय आधार की कसौटी पर खरी नहीं उतरती। चंदेल ने अपनी मां की बिगड़ती डिमेंशिया का हवाला देते हुए अंतरिम राहत मांगी थी। उस समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने कहा था कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अंतरिम जमानत को सामान्य प्रक्रिया के रूप में नहीं लिया जा सकता और इसके लिए तात्कालिक और असाधारण परिस्थितियों का होना आवश्यक है।

अदालत ने तब टिप्पणी की थी कि डिमेंशिया एक पुरानी और प्रगतिशील बीमारी है, लेकिन रिकॉर्ड में ऐसा कोई दस्तावेज़ नहीं था जो किसी तत्काल चिकित्सा संकट को दर्शाता हो जिसे चिकित्सा सहायता से प्रबंधित न किया जा सके। अदालत ने यह भी नोट किया था कि आरोपी की पत्नी और भाई जैसे अन्य परिवार के सदस्य देखभाल के लिए उपलब्ध हैं।

विनेश चंदेल को 23 अप्रैल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इससे पहले, 14 अप्रैल को अदालत ने ईडी को उन्हें 10 दिनों की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति दी थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि चंदेल करोड़ों रुपये के अपराध की कमाई को उत्पन्न करने, डायवर्ट करने और उसे रखने की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।