अल कायदा से जुड़े आतंकवादियों ने आक्रमण की जिम्मेदारी ली
एजेंसियां
बमाकोः माली में एक अल-कायदा सहयोगी संगठन और तुआरेग विद्रोहियों ने शनिवार को देश भर में समन्वित हमलों की जिम्मेदारी ली है। यह सैन्य नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विद्रोहियों द्वारा अब तक के सबसे दुस्साहसी ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। माली की सेना ने एक बयान में दावा किया कि उसने कई सौ हमलावरों को मार गिराया है और राजधानी बमाको तथा उसके आसपास के कई क्षेत्रों पर हुए हमलों को विफल कर दिया है। सेना ने बताया कि बमाको और पास के सैन्य शहर कटी सहित देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सरकारी टेलीविजन पर शनिवार शाम को दिए गए बयान में सरकारी प्रवक्ता इस्सा उस्मान कौलिबली ने बताया कि इन हमलों में 16 लोग घायल हुए हैं, हालांकि सैनिकों या नागरिकों की मृत्यु का सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों ने स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तीन दिनों के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू की घोषणा की है।
अल-कायदा से जुड़े समूह जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन ने कटी, बमाको हवाई अड्डे और मोप्ती, सेवरे तथा गाओ जैसे उत्तरी इलाकों में हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसके साथ ही, तुआरेग विद्रोही समूह अज़ावाद लिबरेशन फ्रंट के साथ मिलकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर किदाल पर कब्जा करने का दावा भी किया गया है। इन हमलों के कारण बमाको हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कटी में रक्षा मंत्री सादियो कैमारा के आवास को भी निशाना बनाया गया और नष्ट कर दिया गया।
साहेल क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह सालों में हुआ सबसे बड़ा समन्वित हमला है। उल्लेखनीय है कि माली की वर्तमान सरकार, जिसका नेतृत्व असीसीमी गोइता कर रहे हैं, ने सुरक्षा बहाल करने के वादे के साथ 2020 और 2021 के तख्तापलट के बाद सत्ता संभाली थी। गोइता सरकार ने सुरक्षा के लिए रूसी भाड़े के सैनिकों पर भरोसा जताया है, जबकि हाल के दिनों में वाशिंगटन के साथ भी संबंध सुधारने की कोशिश की है। हमलों के बाद रूस ने इसकी कड़ी निंदा की है, वहीं रूस के विदेश मंत्रालय ने इन समूहों के प्रशिक्षण में पश्चिमी सुरक्षा बलों के शामिल होने का संदेह जताया है, जिसे लेकर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है।