Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Kerala Population Trends: केरल में हिंदू और ईसाई समुदायों की जनसंख्या में गिरावट; जानें क्या है नेगे... Manipur Violence: 6 नागा लोगों के शव मिलने से मणिपुर में फिर भड़की हिंसा; आक्रोशित भीड़ और पुलिस में... Saharanpur News: रेलवे स्टेशन के पास पानी की टंकी के नीचे मिला युवक का शव; इलाके में फैली सनसनी Lalu Prasad Yadav Birthday: लालू यादव का 79वां जन्मदिन; रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप ने दी भावुक बधाई Varanasi News: सारनाथ में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत; बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर मिला शव, इलाके म... Telangana News: अंतिम संस्कार से पहले संपत्ति का झगड़ा; शव को छोड़ आपस में भिड़े रिश्तेदार, पुलिस तक प... Lawrence Bishnoi Gang: दिल्ली में जिम को निशाना बनाकर फायरिंग; सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग ने ली जिम्... TMC-Congress Merger Rumors: क्या ममता बनर्जी अपनी पार्टी का कांग्रेस में करेंगी विलय? सोनिया-ममता मु... Weather Alert: दिल्ली-यूपी सहित 19 राज्यों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट; जानें आपके शहर का मौसम अपड... Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination: नामांकन खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं कांग्रेस नेत...

यूक्रेन के युद्ध में रूस तरफ से अफ्रीकी सैनिक भी

कैमरून के सोलह सैनिक वहां मारे गये हैं

एजेंसियां

मॉस्कोः रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से जारी भीषण युद्ध में अब अफ्रीकी देशों की संलिप्तता और वहां के नागरिकों की मौतों के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। मॉस्को ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ते हुए कैमरून के 16 सैनिकों की जान चली गई है। कैमरून के विदेश मंत्रालय ने देर रात सरकारी मीडिया पर एक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की और मृतक परिवारों से राजधानी याउंडे में अधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया। यह पहला अवसर है जब कैमरून ने अपने नागरिकों के इस युद्ध में शामिल होने और उनकी मृत्यु पर कोई आधिकारिक चर्चा की है।

रॉयटर्स द्वारा देखे गए एक राजनयिक नोट के अनुसार, इन मृतकों को कैमरून मूल के सैन्य ठेकेदार के रूप में संबोधित किया गया है, जो रूस द्वारा घोषित विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में सक्रिय थे। हालांकि, न तो कैमरून सरकार और न ही रूसी अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि ये 16 व्यक्ति रूसी सेना तक कैसे पहुंचे या उनकी मृत्यु किन परिस्थितियों और किस स्थान पर हुई। मार्च 2025 के एक आंतरिक ज्ञापन से पता चलता है कि कैमरून के रक्षा मंत्री ने पहले ही अपने सैनिकों के देश छोड़कर यूक्रेन युद्ध में शामिल होने पर चिंता जताई थी और अधिकारियों को अपनी इकाइयों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए थे। कैमरून ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय जनादेश के बिना आधिकारिक तौर पर अपने सैनिक विदेश नहीं भेजता है।

यूक्रेन के दावों के अनुसार, वर्तमान में 1,700 से अधिक अफ्रीकी नागरिक रूस की ओर से युद्ध लड़ रहे हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कई अफ्रीकी देशों ने आरोप लगाया है कि उनके नागरिकों को आकर्षक नौकरियों, उच्च वेतन या कौशल प्रशिक्षण के झूठे वादों के जरिए रूस बुलाया गया और फिर धोखे से अग्रिम मोर्चे पर लड़ने के लिए भेज दिया गया। उदाहरण के लिए, केन्या की संसद में पेश एक खुफिया रिपोर्ट में बताया गया था कि लगभग 1,000 केन्याई नागरिकों को रोजगार के नाम पर गुमराह कर युद्ध में झोंक दिया गया।

इसी तरह, नाइजीरियाई नागरिकों के भी इस युद्ध में मारे जाने की खबरें आई हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि रूस अपनी जनशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए विदेशी भाड़े के सैनिकों और प्रवासियों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने अफ्रीकी नागरिकों की अवैध भर्ती के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी और युद्ध क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के शोषण के गंभीर कूटनीतिक सवाल खड़े करता है।