उत्तराखंड भाजपा को भी फिर से अब मोदी के चेहरे का आसरा
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सफर का समय अब आधा हो जाएगा
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बारह हजार करोड़ से अधिक लागत है
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शहर में चारों तरफ सुरक्षा घेरा मजबूत
राष्ट्रीय खबर
देहरादूनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (आर्थिक गलियारा) का भव्य उद्घाटन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग आधा रह जाएगा। 213 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए देहरादून के ऐतिहासिक 19वीं सदी के डाट काली मंदिर को पहली बार आम जनता के लिए बंद किया गया। मंदिर के पुजारी शुभम गोस्वामी ने बताया कि मंदिर रविवार शाम से बंद है और मंगलवार शाम को फिर से खोला जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मंगलवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद एक रोड शो में भाग लिया।
एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन कर जनसभा को संबोधित किया। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के हमलों का सामना कर रही उत्तराखंड की भाजपा सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रभाव पर भरोसा कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल ही में भाजपा के कई नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद, पार्टी ने समय से पहले ही अपनी जमीन मजबूत करना शुरू कर दिया है।
तैयारियों का आलम यह है कि खुद कैबिनेट मंत्री आम जनता के बीच जाकर रैली के निमंत्रण पत्र बांट रहे हैं। कृषि एवं समाज कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून में फुटपाथ विक्रेताओं को कार्ड वितरित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा पार्टी में नई ऊर्जा का संचार करेगा और 2027 के चुनावों की दिशा तय करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2014 से राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं और वे इस मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
हालाँकि, मंदिर बंद होने और सड़कों के डायवर्जन से कुछ स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी देखी गई। स्थानीय निवासी राकेश जोशी ने तर्क दिया कि मंदिर को बंद नहीं किया जाना चाहिए था, क्योंकि यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दूसरे राज्यों से आते हैं। मंदिर बंद होने के कारण उन्हें ठहरने और खाने-पीने का अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से देहरादून-रुड़की राजमार्ग और शिमला बाईपास सहित कई प्रमुख मार्ग भी बंद कर दिए हैं।