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टीएमसी के स्टिंग ऑपरेशन से मच गया बवाल

ओबैसी की पार्टी ने कबीर से नाता तोड़ लिया

  • हजार करोड़ की बात करते सुने गये

  • एआईएमआईएम अब अकेले लड़ेगी

  • कबीर ने कहा फेक वीडियो है

राष्ट्रीय खबर

मुर्शिदाबादः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने पूर्व टीएमसी नेता हुमायूँ कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ अपना गठबंधन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। एआईएमआईएम ने घोषणा की है कि वह अब बंगाल चुनाव में अकेले (स्वतंत्र रूप से) मैदान में उतरेगी और भविष्य में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

यह नाटकीय घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी किए गए एक कथित स्टिंग वीडियो के बाद सामने आया है। इस वीडियो में हुमायूँ कबीर को कथित तौर पर बंगाल के मुसलमानों के बारे में विवादास्पद दावे करते और भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने गुप्त संबंधों की बात करते हुए सुना जा सकता है।

टीएमसी द्वारा साझा किए गए 19 मिनट के इस वीडियो में कबीर को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि मुसलमानों को मूर्ख बनाना बहुत आसान है। इसके अलावा, वीडियो में उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ अपनी नजदीकी का दावा भी किया। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह था कि कबीर कथित रूप से भाजपा से चुनाव लड़ने और मुस्लिम वोटों को विभाजित करने के बदले 1,000 करोड़ की डील की बात कर रहे थे।

ए आई एम आई एम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कबीर के इन बयानों पर गहरी आपत्ति जताई। पार्टी ने कहा, हुमायूँ कबीर के खुलासों ने दिखाया है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं। हमारी पार्टी किसी भी ऐसे बयान या व्यक्ति के साथ नहीं जुड़ सकती जो मुसलमानों की अखंडता और ईमानदारी पर सवाल उठाता हो।

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने स्पष्ट किया है कि बंगाल के मुसलमानों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज देने के लिए उन्होंने अब अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी का मानना है कि दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिए पर रहा है और सबसे गरीब व उपेक्षित वर्गों में से एक है। दूसरी ओर, हुमायूँ कबीर ने इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और एआई-जनरेटेड बताया है। उन्होंने टीएमसी पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए मानहानि का केस करने की धमकी दी है। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले इस खुलासे ने राज्य के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।