मेलानिया ट्रंप का व्हाइट हाउस से कड़ा बयान
एजेंसियां
वॉशिंगटन: प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस के ग्रैंड फोयर से एक असाधारण बयान देते हुए दिवंगत फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के साथ किसी भी संबंध या उनके यौन अपराधों की जानकारी होने से साफ इनकार किया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से गलत बताते हुए इन्हें अपनी छवि बिगाड़ने की साजिश करार दिया।
लगभग पांच मिनट के अपने संबोधन में प्रथम महिला ने कहा कि उनके और एपस्टीन के संबंधों के बारे में फैलाई जा रही कहानियाँ पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, अपमानजनक जेफरी एपस्टीन के साथ मुझे जोड़ने वाले झूठ का आज अंत होना चाहिए। मेलानिया ट्रंप ने आरोप लगाया कि जो लोग उनके बारे में झूठ फैला रहे हैं, वे नैतिक मानकों और सम्मान से रहित हैं। उन्होंने कहा कि वह उनकी अज्ञानता पर तो आपत्ति नहीं जतातीं, लेकिन उनके मानहानि के दुर्भावनापूर्ण प्रयासों को सिरे से खारिज करती हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एपस्टीन से जुड़े एक साल से अधिक पुराने विवादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ता दिख रहा था। विशेष रूप से तब, जब वॉशिंगटन का पूरा ध्यान ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रथम महिला के इस सार्वजनिक हस्तक्षेप से यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों में आ जाएगा, जबकि राष्ट्रपति खुद मीडिया और जनता से इस मामले से आगे बढ़ने का आग्रह कर रहे थे। व्हाइट हाउस के पश्चिम विंग को इस बयान की जानकारी तो थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्हें इसके सटीक विवरणों का पता था। फिलहाल व्हाइट हाउस प्रेस कार्यालय ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
अपने बचाव के साथ-साथ मेलानिया ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने कांग्रेस से जेफरी एपस्टीन के अपराधों से बचे लोगों के लिए एक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सांसदों के सामने गवाही देने का मौका मिलना चाहिए ताकि उनकी कहानियाँ आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन सकें। उन्होंने जोर देकर कहा, हर महिला को अपनी कहानी सार्वजनिक रूप से बताने का अधिकार होना चाहिए। तभी और केवल तभी हमें सच्चाई का पता चलेगा।
मेलानिया ट्रंप ने बिना किसी सवाल का जवाब दिए अपना बयान समाप्त किया और वहाँ से चली गईं। उन्होंने इन आरोपों को आर्थिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया, लेकिन उन व्यक्तियों या संस्थाओं के नाम नहीं लिए जिन्हें वह अपनी छवि खराब करने के लिए जिम्मेदार मानती हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस कदम का राष्ट्रपति प्रशासन और आगामी राजनीतिक विमर्श पर क्या प्रभाव पड़ता है।