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किसके फायदे के लिए तिथियां टाली गयी

चुनाव के एलान के बीच ही विपक्ष ने फिर से घेरा

  • मोदी जी का इंतजार कर रहे थे

  • आदर्श आचार संहिता अब नाम की

  • इसका एलान तो पहले होना था

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः चुनाव की तारीखों के एलान से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने निर्वाचन आयोग और आदर्श आचार संहिता पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वर्तमान दौर में एमसीसी का अर्थ बदलकर मोदी की प्रचार संहिता (मोदीज कोड ऑफ कैम्पेन) हो गया है।

रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, शायद जी2 (प्रधानमंत्री और गृहमंत्री) ने आयोग को हरी झंडी दे दी है, क्योंकि जी 1 ने उद्घाटन, रिबन काटने और शिलान्यास का अपना दौर पूरा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से आचार संहिता केवल नाम की रह गई है, जबकि असल में इसमें अपमान, गाली-गलौज, डराना-धमकाना और झूठ का वायरस फैलाना शामिल हो गया है।

राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज कुमार झा ने भी निर्वाचन आयोग को अपनी संवैधानिक मर्यादा याद रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव केवल कागज पर लिखी बात नहीं होनी चाहिए। चुनाव आयुक्तों को अपने पूर्ववर्तियों के गौरवशाली इतिहास को देखना चाहिए और उसी के अनुरूप आचरण करना चाहिए। झा ने आगे कहा कि भविष्य में बच्चे किताबों में पढ़ेंगे कि एक समय में एक निर्वाचन आयोग हुआ करता था जो निष्पक्ष चुनाव कराता था, क्योंकि वर्तमान में इसकी कार्यशैली संदेहास्पद नजर आती है।

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने चुनावों को लेकर आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन उनकी पार्टी साल के बारहों महीने जनता के साथ जुड़ी रहती है। जनता उन पर भरोसा नहीं करेगी जो केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं।

वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि हम लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने भी आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की रैलियां और घोषणाएं खत्म होते ही तारीखों का एलान होना कई संदेह पैदा करता है।