Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
थानों में CCTV पर महाधिवक्ता के जवाब से कोर्ट असंतुष्ट; मुख्य सचिव और गृह सचिव देंगे शपथ पत्र, झारखं... हजारीबाग में प्रमंडलीय खेल महोत्सव: 7 जिलों के 1300 खिलाड़ी लेंगे भाग, मैदान में बुनियादी सुविधाओं क... रांची में डॉक्टर से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार: जमीन सौदे के विवाद में दी थी जान से मा... रायपुर के गुढ़ियारी में मंदिर में तोड़फोड़ से तनाव: शिवजी, हनुमानजी और साईं बाबा की प्रतिमाएं खंडित;... सुकमा नवोदय विद्यालय की छात्रा की बिगड़ी तबीयत: इलाज के लिए दर-दर भटके परिजन, लिवर में सूजन और संक्र... दुर्ग नगर निगम में महापौर अलका बाघमार की इनोवा में लगी भीषण आग: चेंबर में जाते ही धू-धू कर जली गाड़ी... नेपाल की भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से तबाही: नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सरकार ने ज... कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में ... बिलासपुर-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित परिचालन शुरू; रायपुर, दुर्ग, गोंदिया होकर चलेगी ट्रे... रायपुर सेंट्रल जेल: रक्षाबंधन पर बंदियों से मिल सकेंगी बहनें; 100 ग्राम मिठाई की अनुमति, मोबाइल-पर्स...

पांच राज्यों के उपचुनाव की तिथियां घोषित

खाली पड़ी सीटों पर भी इसी दौरान होगा मतदान

  • अलग अलग तिथि में होगा मतदान

  • वोटों की गिनती चार मई को होगी

  • सुरक्षा और तकनीक पर विशेष जोर

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के पांच प्रमुख राज्यों—गुजरात, गोवा, त्रिपुरा, नगालैंड, कर्नाटक और महाराष्ट्र—की रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता के माध्यम से स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण सीटों पर मतदान दो चरणों में संपन्न कराया जाएगा, जबकि सभी आठ सीटों के चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को एक साथ की जाएगी।

आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा की रिक्त सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र की सीटों के लिए मतदाता 23 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बंगाल की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यहाँ दो अलग-अलग तिथियों पर वोट डाले जाएंगे।

चुनावों की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार कड़े नियम लागू किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी मतदाता पोलिंग बूथ के भीतर मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने एसआईआर प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाना है। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वैध मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अवैध व्यक्ति का नाम सूची में न रहे।

आंकड़ों के अनुसार, अकेले पश्चिम बंगाल में इस बार 5 लाख 23 हजार नए मतदाता (18-19 वर्ष) जुड़े हैं, जबकि 20-29 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 31 लाख के पार पहुंच गई है। इस विशाल लोकतांत्रिक उत्सव को संपन्न कराने के लिए आयोग ने भारी-भरकम अमला तैनात किया है। इसमें मतदान कर्मी लगभग 15 लाख होंगे। सुरक्षा बल के साढ़े आठ लाख जवान तैनात किये जाएंगे। 1,444 जनरल ऑब्जर्वर और 49 हजार माइक्रो ऑब्जर्वर होंगे। 21 हजार सेक्टर ऑफिसर और 40 हजार गणना कर्मी भी इसमें लगाये जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में 28 फरवरी को प्रकाशित अपूर्ण मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। अदालत के निर्देशानुसार आयोग अतिरिक्त सूचियां जारी कर सकता है, लेकिन वर्तमान में लगभग 60 लाख 6 हजार मतदाताओं का नाम विचाराधीन श्रेणी में है। विपक्षी दलों ने इन मतदाताओं के भविष्य और निष्पक्ष मतदान की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जिसे लेकर आयोग ने पारदर्शिता बरतने का आश्वासन दिया है।